September 24, 2021
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KBC में 15 लाख जीतने वाली अनुराधा को मिली विशेष अनुमति

मुंगेली में पदस्थ प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर अनुराधा अग्रवाल को केबीसी में भाग लेने की विशेष अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को जैसे ही इस प्रकरण का पता चला, उन्होंने अफसरों को बुलाकर कहा कि यह विशेष मामला है। वह अपने भाई के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए केबीसी शो में जाकर रकम जीतना चाहती थीं। सीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अनुमति देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों ने नईदुनिया से कहा कि सीएम के निर्देश के बाद मुंगेली कलेक्टर को पत्र जारी कर दिया गया है। मुंगेली कलेक्टर ने भी सोमवार को सरकार को पत्र लिखकर विशेष अनुमति देने का आग्रह किया था। ज्ञात हो कि अनुराधा खुद दिव्यांग हैं और वाकर के सहारे चलती हैं।

उनका चयन केबीसी में हुआ तो उन्होंने अनुमति के लिए कलेक्टर के माध्यम से शासन को पत्र लिखा। सरकार से अनुमति मिलती, इससे पहले ही उन्हें मुंबई से फोन आ गया। वे कलेक्टर को अर्जित अवकाश का आवेदन देकर मुंबई चली गईं।

वे केबीसी में भाग लेकर लौट आईं तब शासन की ओर से उनके आवेदन का जवाब जारी हुआ। जीएडी ने उन्हें शो में भाग लेने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। अब मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। वे शो में जीते पैसे हासिल कर सकती हैं। अब उनके भाई की किडनी ट्रांसप्लांट हो पाएगी।

मदद को आगे आए तमाम लोग

प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर के भाई राजेश के इलाज के लिए कई लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने मदद की पेशकश की है। सोमवार को अंबिकापुर के रिटायर्ड एआईजी राजेश सिंह ने अनुराधा को आर्थिक मदद की पेशकश की। साथ ही अंबिकापुर के दर्जनों लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने भी मदद का आश्वासन दिया। रायगढ़, सक्ती व खरसिया से भी लोगों ने फोन कर सहायता की पेशकश की।

बता दें कि नईदुनिया ने 11 सितंबर के अंक में प्रथम पृष्ठ पर ‘प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर ने जीते 15 लाख,तब पता चला-शासन ने नहीं दी अनुमति’शीर्षक से इस आशय की खबर छापी थी। इसमें डिप्टी कलेक्टर द्वारा केबीसी से मिलने वाली राशि से भाई राजेश का इलाज कराने की बात बताई थी। उनकी दोनों किडनी फेल हो गई है।

ट्रांसप्लांट में 12 से 15 लाख रुपए का खर्च आएगा। प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर अनुराधा ने बताया कि इस बाबत उनके मोबाइल पर तमाम और लोगों के फोन आ चुके हैं। हालांकि, अनुराधा ने साफ कहा है कि वह अपने भाई के इलाज के लिए किसी व्यक्ति विशेष अथवा संस्था से मदद नहीं लेंगी। अपने स्तर पर व पारिवारिक सदस्यों के सहयोग से भाई का इलाज कराएंगी।

खबर नईदुनिया

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