Sharing is caring!

जगदलपुर //पौष्टिकता की कमी से जूझते बस्तर में अब पौष्टिकता बढ़ाने के लिये आंगनबाडिय़ों के माध्यम से और अच्छा पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग ने कम कस ली है और इसके लिये जिले के अंतर्गत चल रहे दो हजार से अधिक आंबा केन्द्रोंं में इस सप्ताह से नाश्ते में स्वादिष्ट हलवा सहित मूंगफली के साथ पौष्टिक आहार प्रदान किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सप्ताह से गर्भवती महिलाओं के उनके भोजन में रोटी, चांवल सहित छिलके वाली दाल व मूंगफली आदि से बने व्यंजन परोसे जायेगें। इसी प्रकार आंबा केन्द्रों में बच्चों को भी नई व्यवस्था के तहत पौष्टिक सामग्रियां खिलाई जायेगी। उल्लेखनीय है कि बस्तर में पौष्टिकता की मात्रा सबसे कम है और अभी तक पोषण आहार की कमी पौष्टिकता बढ़ाने की कोशिशे उतनी अधिक सफल नहीं हो पाई हैं। जितनी उनको होना चाहिए। फलस्वरूप महिलाओं व बच्चों में पौष्टिकता की कमी जांच करने पर हमेशा ही प्राप्त होती है। इसके लिये अब शासन ने महिला व बाल विकास के माध्यम से महतारी जतन योजना व बच्चों को दिये जाने वाली ताजे व गर्म भोजन की साप्ताहिक तालिका तैयार करते हुए दोनों को ही एक समान आहार प्रदान किये जाने की कोशिश की है। बच्चों को पौष्टिक आहार उनकी आयु के अनुसार कम दिया जायेगा। लेेकिन महिलाओं को समुचित रूप से प्रदान किया जायेगा। बस्तर में इस समय बीस स्व सहायता समूह द्वारा रेडी टू इट सामाग्री बनाई जाती हैं। इसके लिये उन्हें निर्देशित कर दिया गया है। यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि अभी तक विभिन्न आंबा केन्द्रों में नये मीनू के तहत पौष्टिक सामग्रियां नहीं पहुंच पाई है। जिन्हें पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। यह भी एक विशेष तथ्य है कि इस सप्ताह से बच्चों को नये मीनू के तहत सप्ताह भर गरमा गरम नाश्ता प्रदान किया जायेगा।

Sharing is caring!