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अब बीएड पास युवा भी प्राइमरी स्कूल में टीचर बन सकते हैं. राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद (एनसीटीई) ने करीब तीन साल पहले प्राइमरी स्कूलों में भर्ती के लिए दो साल के डिप्लोमा पाठ्यक्रम की योग्यता रखी थी. इससे बीएड डिग्रीधारी उच्च प्राथमिक स्कूलों तक सीमित हो गए थे

नई दिल्ली: टीचर बनने की तैयारी में लगे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. खुशखबरी ये है कि अब बीएड वाले भी प्राथमिक शिक्षक बन सकते हैं. पहले उन्हें विशिष्ट बीटीसी का कोर्स करना पड़ता था. पहले जब राज्यों में प्राथमिक स्कूलों की वेकेंसी आती थी तब राज्यों को सिर्फ़ उस भर्ती के लिए इस बात की अनुमति लेनी पड़ती थी कि वो विशिष्ट बीटीसी के ब्रिज कोर्स के साथ बीएड वालों को परीक्षा में शामिल होने दें. अब इस अनुमति की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

 

बीएड वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों तक थे सीमित
अब बीएड पास युवा भी प्राइमरी स्कूल में टीचर बन सकते हैं. राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद (एनसीटीई) ने करीब तीन साल पहले प्राइमरी स्कूलों में भर्ती के लिए दो साल के डिप्लोमा पाठ्यक्रम की योग्यता रखी थी. इससे बीएड डिग्रीधारी उच्च प्राथमिक स्कूलों तक सीमित हो गए थे. नए संशोधन के अनुसार अब बीएड पास युवा भी प्राइमरी क्लास में टीचर के तौर पर पढ़ा सकते हैं.

 

नियुक्ति के छह महीने बाद ब्रिज कोर्स पास करना होगा
हालांकि, इसके लिए ग्रेजुएशन में 50 फीसदी मार्क्स होने चाहिए. इसके अलावा उन्हें प्राइमरी टीचर के तौर पर नियुक्त होने के 6 महीने के अंदर ब्रिज कोर्स पास करना भी जरूरी होगा. बीएड के साथ उन्हें टीईटी (टीचर्स एलिजबिलिटी टेस्ट) पास होना भी आवश्यक है. इससे पहले साल 2018 में एनसीटीई ने प्राइमरी टीचर्स की नियुक्ति की रेस से बीएड पास लोगों को बाहर कर दिया था.

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