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कहीं भी धूम्रपान करते पकड़े गए तो 200 रु. जुर्माना; बनाई गई जांच टीम, पूरे शहर में लगेंगे चेतावनी बोर्डरायपुर. सार्वजनिक जगहों, स्कूल, कॉलेजों सहित सरकारी दफ्तरों में धुम्रपान करने वालों के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब तक सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान यानी बीड़ी-सिगरेट पीने पर रोक के नियम की अनदेखी कर रहा था, लेकिन प्रशासन ने अब ऐसे लोगों को मौके पर ही पकड़ने का फैसला लिया है।

/जिले में तम्बाखू और अन्य धूम्रपान की रोकथाम के लिए चल रहे अभियान में तेजी लाने का निर्णय लिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक सोनी की अध्यक्षता में आज यहां जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में राष्ट्रीय तम्बाखू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कोटपा अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक स्थलों, स्कूल, कॉलेजों सहित कार्यालयों में धुम्रपान करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए गए।
श्री सोनी ने कहा कि तम्बाखू का सेवन और अन्य धुम्रपान करने वालों की सेहत पर इसका बुरा असर तो पड़ता ही है परंतु धुम्रपान से छोड़े गए धुंए से कितनों की सेहत को नुकसान पहुंचाता है इसका अंदाजा भी लगाया नही जा सकता। उन्होंने नगर निगम को सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान रहित क्षेत्र और यहां धूम्रपान करना एक अपराध है का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए है। उन्होंने बोर्ड के नीच प्रभारी अधिकारी का नाम और नंबर भी लिखा जाए ताकि अगर कोई भी व्यक्ति धूम्रपान करते हुए दिखाई देता है तो उस नंबर पर शिकायत दर्ज करायी जा सके। इसी तरह कोटपा अधिनियम के तहत शिक्षण संस्थानों के 100गज दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचना अपराध है। उन्हांेने इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।  श्री सोनी से तम्बाकू और धूम्रपान के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने विशेष जागरूकता अभियान भी आयोजित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए है।
ज्ञातव्य है कि कोटपा अधिनियम की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा इसका उल्लघंन करने वालों के विरूद्ध जुर्माना का प्रावधान किया गया है। इसी तरह धारा-5 के तहत सिगरेट और अन्य तम्बाखू उत्पादों के विज्ञापनों पर प्रतिबंध, धारा 6 के तहत नाबालिकों को और शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास सिगरेट या अन्य तम्बाखू उत्पादांे की बिक्री पर प्रतिबंध तथा धारा 7,8 व 10 के तहत बिना विशिष्ट स्वास्थ्य चेतावनियों के सिगरेट और अन्य तम्बाखू उत्पादों की बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है तथा इनका उल्लघंन करने वालों के विरूद्ध जुर्माना और कारावास का प्रावधान किया गया है।
बैठक में एडीएम डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर श्री क्यू.ए.खान व श्री जोगेन्द्र नायक, अपर आयुक्त श्री आशीष टिकरिहा, जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.एस.सॉडिल्य, नोडल अधिकारी जिला नशा मुक्ति केन्द्र डॉ. आर.के.चंद्रवंशी, सविल सर्जन डॉ. तिवारी  सहित समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

गुड़ाखू, तंबाखू पर नजर:अफसरों ने बताया कि कोटपा अधिनियम की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। स्कूल और कॉलेजों के बाहर खासतौर पर इसकी जांच होगी। धारा-5 के तहत सिगरेट और अन्य तंबाखू उत्पादों के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही धारा 6 के तहत बच्चों और स्कूलों के पास सिगरेट या अन्य तंबाखू की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

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