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मध्यान्ह भोजन संचालन हेतु शिक्षकों ने किया रसोई गैस की माँग

वन विभाग की सख्ती ने मध्यान्ह भोजन योजना को किया प्रभावित

कुनकुरी:-
स्कूली बच्चों के लिए चलाई जा रही केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “मीड-डे मील योजना” ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलाऊ लकड़ी की अनुपलब्धता की वजह से कमजोर पड़ती जा रही है। जिसकी लिखित सूचना अब उच्चाधिकारियों तक भी पहुँच रही है। ताजा मामला है जिले के कुनकुरी विकासखण्ड अंतर्गत स्थित केराडीह संकुल का,जहाँ के समस्त प्रधान पाठकों ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को रसोई गैस उपलब्ध कराने का निवेदन किया है। अपने आवेदन में सामूहिक रूप से इन शिक्षकों ने लिखा है कि “शाला में मध्यान्ह भोजन का निर्माण हेतु लकड़ी की उपलब्धता क्षेत्र में नहीं हो पा रही है। जिससे मध्यान्ह भोजन के सुचारू रूप से सञ्चालन में काफी कठिनाइयाँ आ रही है। वन विभाग द्वारा काफी सख्ती बरतने की वजह से स्थानीय स्तर पर जलाऊ ईंधन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। अतः श्रीमान जी से सादर अनुरोध है कि हमारी शालाओं में एलपीजी गैस प्रदान करने की कृपा करें जिससे शालाओं में मध्यान्ह भोजन योजना आसानी से समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
चूँकि यह समस्या अमूमन जिले में सभी जगह है पर केराडीह संकुल के शिक्षकों ने जब अपना मुहीम छेड़ ही दिया है तो अब देखना दिलचस्प यह होगा की उच्चाधिकारियों द्वारा इस आवेदन पर क्या निर्णय लिया जाता है।

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