August 5, 2021
Breaking News

ब्लू व्हेल गेम छग में सबसे ज्यादा सर्च जशपुर में, बलोद में 6 दंतेवाडा में 30 स्कूली बच्चे की कलाई में ब्लू वेल गेम का कट

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर//
ब्लूव्हेल गेम की चर्चाएं इस वक्त चारों तरफ है। यह गेम कोई मामूली गेम नहीं बल्कि एक किलर गेम है, एक मौत का कुआं, जाल है जिसमें बच्चे लगातार फंसकर इसकी कीमत अपनी जान देकर चुका रहे हैं। भारत में अब तक इस गेम ने कई लोगो समेत  बच्चों की जान ली है।अब यह छत्तीसगढ़ में भी बुरी कद्र पर पसार चुका है 
जानलेवा ब्लू व्हेल गेम का मामला अभी भी ठंडा पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है. ताज़ा मामला छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सामने आया है जहाँ बालोद  के एक प्राईवेट स्कूल के छ बच्चों की कलाई पर कट के निशान देखे गए हैं.स्कूल प्रशासन के सहयोग से बच्चों से पुलिस ने पूछताछ कर मामले की जाँच कर रही है.वही दंतेवाड़ा में 30 बच्चो के इस गेम में फंसकर कलाई में कट करने की सुचना पर पुलिस सक्रिय हो गयी है दूसरी ओर इस गेम को गूगल सर्च करने के मामले में प्रदेश का जशपुर जिला अव्वल पर है पिछले सात दिन में प्रदेश में जशपुर जिले में  25 हजार से ज्यादा लोगों ने ब्लू व्हेल गेम सर्च किया है। वही जशपुर के बाद दुर्ग-भिलाई प्रदेश में  15 हजार से ज्यादा लोग इस जानलेवा गेम को सर्च कर चुके हैं।साथ ही  जगदलपुरमें भी 12 हजार लोगों ने इस गेम को इंटरनेट पर खोजा है। गूगल ट्रेंड की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ये गेम अभी दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में सर्च हो रहा है। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चो के इतनी भारी तादात में कलाई में ब्लू व्हेल कट के निशान मिलने के बाद ब्लू-व्हेल गेम की घटना ने पुलिस अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है.इसलिए ब्लू-व्हेल गेम जैसे खतरनाक गेम की रोकथाम के लिए पुलिस मुख्यालय ने स्कूल कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारियां शुरू कर दी है/

 बालोद में पुलिस ने 6 बच्चों को मोबाइल पर स्कूल में यह गेम खेलते हुए पकड़ा और उनकी कलाइयों पर कट के ताजा निशान भी देखे।बालोद एसपी दीपक झा ने गुरुवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को जानकारी मिली कि शहर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले कुछ बच्चे ब्लू व्हेल गेम खेलते हैं।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो सभी भाग गए। इसकी जानकारी बच्चों के अभिभावकों को भी दी गई है। पुलिस ने मोबाइल जांच के लिए जब्त कर लिए हैं। दंतेवाड़ा में हायर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसीपल ने प्रशासन को लेटर लिखा है कि उनके यहां 30 बच्चों के हाथों में कट हैं। इन बच्चों पर ब्लू व्हेल गेम खेलने का शक है। इन घटनाओं ने प्रदेश में सनसनी फैला दी है। राज्य के एडीजी आरके विज ने कहा है कि इन मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। बच्चों को गेम के जरिए टास्क देने वालों को ढूंढ़कर उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

बड़ी चुनोती है इस गेम पर प्रतिबंध 
विदित हो की अब यह गेम छत्तीसगढ़  में भी अपनी पकड़ बना रहा है। जिसे देखते हुए कई जागरूक लोग सोशल मीडिया पर इस गेम से बचने के लिए मुहिम भी चला रहे हैं। ताकि बच्चों को इस जानलेवा गेम से बचाया जा सके। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही भारत में इस गेम पर पूर्णता प्रतिबंध लग जाएगा। लेकिन इस गेम के कई वर्जन अलग अलग नामों से संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी गेमों को पूर्ण रूप से बंद करना सरकार के लिए भी एक चुनौती है।

क्या है Blue Whale Game

जिन लोगों को जानकारी नहीं है उन्हें बता दें कि इन दिनों इंटरनेट पर Blue Whale Game चल रहा है, इस गेम के लिए कोई ऐप नहीं है। केवल एक लिंक है जिस पर क्लिक करते ही यह गेम आपके फोन या सिस्टम में डाउनलोड हो जाता है। यह गेम इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसमें दिए जाने वाले टास्क जानलेवा होते हैं।

क्यों है खतरनाक

करीब 50 टास्क वाला यह गेम यूज़र्स को कई तरह के टास्क देता है, जिसमें कभी हाथ पर ब्लेड से व्हेल बनावाई जाती है तो कभी आधी रात को हॉरर मोवी देखने को कहा जाता है। यह सब हैरान और परेशान करने वाले टास्क यूज़र से फ़ोर्स करके करवाए जाते हैं।

क्यों हो रहे हैं बच्चे इसका शिकार

यह कातिल गेम रूस के एक व्यक्ति ने बनाया है जो कि अब जेल में है। इस गेम से लोगों के दिमाग से खेला जाता है, उन्हें परेशान और टार्चर कर उनसे टास्क कराए जाते हैं। जब यूज़र टास्क पूरा नहीं करता है तो उन्हें धमकियां भी दी जाती है। परिवार को मारने की इन धमकियों से डरकर ही बच्चे ऐसा भयानक काम कर रहे हैं।

अब सवाल आता है कि इससे बचा कैसे जाए!

 

इस सवाल का वैसे तो एक सीधा सा जवाब है कि इन फालतू चीजों में न पड़ा जाए। इसके अलावा कोशिश करें कि अपने बच्चों के हाथ में फोन न दें। पूरी निगरानी रखें कि आपका बच्चा फोन में या फिर कंप्यूटर पर क्या कर रहा है। बच्चों से बात करें और उन्हें बताएं कि कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। बच्चों से इस बारे में खुलकर बात करें।

नोट : टीम हरित छत्तीसगढ़  की सभी से यह गुज़ारिश है कि अपने आस-पास इसके बारे में जागरूकता फैलाएं और यदि आपको लगता है कि कोई इस कातिल गेम के जाल में फंसा है तो उनकी मदद जरुर करें।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *