July 25, 2021
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जलग्रहण क्षेत्र का विकास एवं प्रबंधन पर कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने जल विज्ञान का उपयोग बताया

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर।
विश्व बैंक द्वारा पोषित नीरांचल परियोजना भारत सरकार की पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 9 राज्यो में संचालित किया जा रहा है। जिनमे छत्तीसगढ़ भी शामिल है,छत्तीसगढ़ राज्य जल ग्रहण क्षेत्र प्रबन्धन एजेंसी रायपुर द्वारा राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की एवं मध्य भारत जल विज्ञान क्षेत्रीय केंद्र भोपाल के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 14 व 15 सितम्बर को ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में आयोजित किया गया।जलग्रहण क्षेत्र के विकास एवं प्रबन्धन में निर्णय सहायक तंत्र जलविज्ञान का उपयोग किस प्रकार किया जाना है,एवं डीएसएस का विकास हेतु आवश्यक डाटा से सम्बंधित जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ में यह परियोजना वर्तमान में कांकेर व जशपुर जिले में लागू किया गया है। राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की एवं भोपाल से पधारे वैज्ञानिक गण डॉ डी एस राठौर एवं डॉ तेजराम नायक तथा छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबन्धन एजेंसी रायपुर के नोडल अधिकारी पी एन सिंह द्वारा परियोजना की जानकारी दी गई।इस कार्यशाला में रुड़की से पधारे वैज्ञानिक द्वारा डीएसएस का उपयोग राज्य के जलग्रहण क्षेत्र के विकास एवं प्रभाव आंकलन विषय पर दोनों जिलों से आमंत्रित जलग्रहण क्षेत्र पदाधिकारियों को दी गई कार्यशाला मे डीएसएस को उपयोग मे लाने के लिए जलविज्ञान की तकनिकों की विस्तृत चर्चा करते हुए वर्तमान मे राज्य सरकार के विभाग द्वारा परियोजना के लिए नये वाटरशेड का चयन  किया गया है इन वाटरशेडों के लिए डीपीआर बनाने की तैयारी की जा रही है कार्यशाला मे बताए गए आंकडों की सूची से विभाग द्वारा डीपीआर के कार्य मे अतिरिक्त जानकारी एकत्र करने मे सहायता प्राप्त होगी।राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के द्वारा डीएसएस के विकास का कार्य जारी है वर्तमान मे विकास की स्थिति से विभाग को अवगत कराते हुए बताया गया कि नई तकनिकी के तहत वेब से जुड़ जाने के बाद डीएसएस के उपयोग के लिए अतिरिक्त साफटवेयर की आवश्यकता नही होती साफटवेयर को एक ही स्थान पर रखा जाता है एंव विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी जानकारी वेब से ही प्राप्त कर ली जा सकती है। कार्यशाला के दौरान डा अजय गुरू दिवान द्वारा एसआईआरडी मे मनरेगा कार्यक्रम से संबधित प्रशिक्षण की जानकारी दी गई एसआईआरडी के केंपस में विभिन्न वाटरशेड संरचना की कार्यशाला के प्रतिभागियों द्वारा जानकारी प्राप्त की गई प्रतिभागियों को कार्यशाला की समाप्ती पर प्रमाण पत्र वितरण किए गए उक्त कार्यक्रम मे राज्य स्तर से श्री एसडी के कुशवाहा जीआईएस विशेषज्ञ श्रीमती मधुमिता मिंज,श्री सिद्धार्थ अंसारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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