September 24, 2021
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मछली पालन कला है और खेल भी: श्याम गुप्ता ,,शीतल महिला समिति ने किया तालाब में मछली पालन

हरित छत्तीसगढ़ जशपुर//मछली पालन से कम समय व कम लागत में व्यक्ति को पर्याप्त आय प्राप्त होती है। यही वजह है कि आज ग्रामीण अंचल समेत शहरी क्षेत्रो में मछली पालन जीविकोपार्जन का एक बेहतर विकल्प बन गया है। यह कहना है पत्थलगांव प्रेस क्लब अध्यक्ष श्यामनारायण गुप्ता का //

हरित छत्तीसगढ़ जशपुर//आज  पत्थलगांव  के ढोढ़ीटिकरा तालाब में शीतल महिला स्व सहायता समूह द्वारा मछली बीज डालकर क्षेत्र के लोगो को  मछली पालन के लिए प्रेरित किया गया इस दौरान समिति के सदस्यों ने कहा की क्षेत्र में मछली पालन  को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। इस मौके पर श्यामनारायण गुप्ता ने कहा की  कम खर्च व थोड़ी सी देखरेख से मछली पालकों को इससे बेहतर आमदनी होती है। यही वजह है कि आज जशपुर जिले में बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन अतिरिक्त व्यवसाय बन चुका है। उन्होंने बताया की समिति द्वारा डाले गये मछली बीज से  जो आमदनी होता है उसमें तालाब का रख रखाव किया जाता है उन्होंने बताया की पत्थलगांव  नगर पंचायत में मात्र एक ये ही तालाब जिंदा ओर उपयोगी बना हुआ है उन्होंने कहा की  मछली पालन कर तालाब में डाले गये मछली  एक ओर जहां गांव में पानी के श्रोत को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है वहीं पानी में मौजूद जहरीले कीड़े मकोड़ों को भी खत्म करता है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो मछली पालन पत्थलगांव  के लिए बहुत उपयोगी है। इससे क्षेत्र की खेती ही नहीं, वातावरण और पर्यावरण पर भी अनुकूल असर होता है साथ ही मानव जाति के लिए यह अति प्रोटीनयुक्त खाद्य सामाग्री भी है।

इस दौरान वार्ड के नागरिक दुलार साय, खिति भूषण,धोबा राम,माइकल, शोभित, टोंको समेत  अन्य लोग उपस्थित थे विदित हो की पुरानी बस्ती की शीतल महिला स्व सहायता समूह द्वारा शुरू किया गया मछली पालन और उनसे होने वाले लाभ की चर्चा तेजी से आसपास के क्षेत्र  में फैलती जा रही है।  दूर दूर से लोग उत्सुकतावश समिति के सदस्यों से  मछली पालन से होने वाले लाभ के बारे में जानने आने लगे हैं।

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