August 3, 2021
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कलयुगी मामा के अत्याचार से परेशान दिव्यांग युवक दर दर भटकने को मजबूर,,,, दिव्यांग युवक का सहारा बना दिव्यांग,, दोनों मिलजुलकर बांटते है एक दुसरे का सुखदुख,,,,  क्या है दिव्यांग युवक की व्यथा,, जानने के लिए पढ़िए हरित छत्तीसगढ़,,,,

कलयुगी मामा के अत्याचार से परेशान दिव्यांग युवक दर दर भटकने को मजबूर,,,, दिव्यांग युवक का सहारा बना दिव्यांग,, दोनों मिलजुलकर बांटते है एक दुसरे का सुखदुख,,,,  क्या है दिव्यांग युवक की व्यथा,, जानने के लिए पढ़िए हरित छत्तीसगढ़,,,,

हरितछत्तीसगढ़- विवेक तिवारी / शिव प्रताप राजपूत

पत्थलगांव। केन्द्र और राज्य सरकार के लाख प्रयास के बावजूद आज भी दिव्यांग भटकने को विवश नजर आ रहे हैं। कहीं न कहीं आज भी समाज भी उनके लिए हीन भावना रखते हुवे कुछ नहीं कर पा रहा है। ऐसा ही मामला पत्थलगांव विकासखण्ड के करमीटिकरा ग्रामपंचायत में देखने को मिला। यहां उसे लालच देकर उसके मामा द्वारा मारपीट कर घर से निकाल दिया।

अपने मामा अपील साय पिता चीरू राम के अत्याचारों से परेशान होकर एक दिव्यांग युवक कुंदन चौहान पिता काया राम आज दर दर भटकने को मजबूर है, परन्तु आज उसे गांव के ही अपने मित्र निरंजन मांझी जो कि स्वयं दिव्यांग है और खुद दूसरों के भरोसे गुजर बसर कर रहा है उसने उसे अपने घर में पनाह दी है,, दिव्यांग युवक की मार्मिक कहानी जानकर पत्थलगांव के दो युवा पत्रकार विवेक तिवारी एवम शिव प्रताप राजपूत गांव पहुँचे उसका हाल चाल जाना और पंचायत के सरपंच से बात की तो सरपंच ने दिव्यांग युवक कुंदन चौहान का हरसंभव मदद करने भरोसा दिलाया है,, पूरा मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत करमीटिकरा (पाकेरटिकरा) का है।

क्या है पूरा मामला,,,

दरअसल पूरा मामला जिले के पत्थलगांव विकाखण्ड अंतर्गत करमीटिकरा पंचायत का है जहाँ पाकेरटिकरा मोहल्ला में दिव्यांग युवक कुंदन चौहान तकरीबन 16 से 20 वर्षों से रह रहा है, और पास के बिस्कुट फैक्ट्री में काम कर अपना जीवन यापन करता है। वैसे उसके परिजन कहने को तो कोई नहीं हैं, लेकिन गांव में उसका एक मामा है जो कि आज के युग में उसके लिए शकुनि मामा बन गया है, आपको बता दें कि दिव्यांग कुंदन की तकलीफ को देखते हुए पंचायत की तरफ से स्कूल के नजदीक ही शासकीय भूमि आवंटित की गयी थी जहां वह एक छोटी सी झोपडी बनाकर किसी तरह मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहा था। एक दिन वह रात में बिस्कुट फैक्ट्री में काम करने गया था और उसका कलयुगी मामा उसी घर मे सोया हुआ था। उसके घर मे आग लगने की सूचना उसे फोन के माध्यम से दी गई कि किन्हीं असामाजिक तत्वों ने उसकी झोपड़ी में आग लगा दी झोपड़ी के साथ साथ इस दिव्यांग युवक का सारा सामान जलकर खाक हो गया, सुनते ही वह छुट्टी मांग वहां आया तो देखा कि उसके आशियाने के साथ साथ उसका सामान भी जलकर खाख हो गया है। अपना आशियाना बर्बाद होता देख वह सहम सा गया।

जिसकी शिकायत पत्थलगांव थाने में 17/02/2017 को की गई। इसी दरमियान उसके मामा का प्रधानमंत्री आवास योजना में एक आवास स्वीकृत हो गया, और उसके मामा द्वारा घर बनते तक उसे अपने साथ रखने का हवाला देते हुवे काम करवाते रहा, क्योंकि वह राज मिस्त्री का काम भी करता था। उसके मामा ने भी उसके साथ झूठी संवेदना दिखाते हुए उसे बरगलाया और पंचायत द्वारा दी गयी जमीन पर अपना खुद का पीएम आवास बना लिया और उससे कहा कि जब तक तुम चाहो इसी घर में रहो, लेकिन तकरीबन सप्ताह भर अपने भांजे को फैक्टी में कम कमाने की बात को लेकर लड़ना झगड़ना चालू कर दिया और एक दिन अपने घर में रखने के बाद कलयुगी मामा ने उसके साथ मारपीट कर घर से बाहर कर दिया और पंचायत द्वारा आवंटित की गई जमीन पर अब खुद कब्जा कर लिया।

दिव्यांग मित्र ने दिया उस दिव्यांग को अपने घर मे आश्रय

इधर दिव्यांग कुंदन चौहान ने अपने साथ हुए घटना की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को दी जिस पर पंचायत में बैठक भी बुलाई गई थी लेकिन कोई नतीजा नही निकला, उसके मामा द्वारा पंचायत की बुलावे की अवहेलना करते जाना तक गवारा नही समझता, और जाने से भी गाली गलौच कर वापस आ जाना, गांव वालों की एक न सुनना यह काम है। उसके नही आने के कारण पंचायत भी कुछ निर्णय लेने में असमर्थ है।

उचित कार्रवाई हेतु सामूहिक आवेदन थाने में भी दी गई है। भटकते लाचार दिव्यांग युवक कुंदन गांव में अपने एक मित्र निरंजन मांझी के घर गया जो कि स्वयं दिव्यांग है उससे बरसात के मौसम बीतने तक रहने का ठिकाना मांगा, जिसपर दिव्यांग निरंजन ने उसकी सहायता करते हुए उसे अपने घर मे पनाह दी है,, और आज के युग में मित्रता धर्म निभाते हुए एक मिशाल पेश की है।

ग्राम पंचायत के सरपंच ने दिया आश्वासन

जब इस पूरे मामले में पंचायत के सरपंच शिवलोचन सर्पे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुंदन का पीएम आवास स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही उसे पंचायत के द्वारा भूमि आवंटित कर उसके लिए आवास बना दिया जाएगा।

बहरहाल इस पूरे मामले में पीड़ित कुंदन द्वारा पत्थलगांव पुलिस को भी लिखित में शिकायत की गई है लेकिन अब तक पुलिस विभाग द्वारा कोई भी कदम नहीं उठाया गया है,, लेकिन पंचायत के सरपंच द्वारा आश्वाशन दिए जाने के बाद अब लगता है कि दिव्यांग कुंदन को पुनः एक अदद आवास मिल जाएगा जहां वह आरामपूर्वक अपना गुजर बसर कर सकेगा। दिव्यांग कुन्दन अब एक ही आश के साथ जी रहा है कि कब तलक उसे अपने आशियाने में दोबारा रहने को मिलता है। 

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