August 5, 2021
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एटीआर के डीएफओ मनोज पांडेय के गलत व्यवहार की पत्रकार संघ ने की कडी निंदा।

एटीआर के डीएफओ मनोज पांडेय के गलत व्यवहार की पत्रकार संघ ने की कडी निंदा।

राष्ट्रीय शोक पर कार्यालय खुले रखने के सवाल पर आग बबूला हो गए थे,,मीडिया पर कैमरे पर हाथ दे मारा था डीएफओ मनोज पांडेय ने।

राज्य के मुखिया और राज्यपाल को शिकायत कर कड़ी कार्रवाई करने प्रेषित किया आवेदन कोटा प्रेस के पत्रकारों ने।

दिनाँक:-20-08-2018*

संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।

करगीरोड कोटा:- पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी के आकस्मिक निधन के बाद भारत सरकार सहित राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया वही राज्य सरकार ने सभी सरकारी कार्यालय स्कूल कालेजों को पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के सम्मान में एक दिवसीय बंद रखने का आदेश जारी किया,लेकिन शासन के आदेश का मखौल उड़ाते हुए आदेशों की अवहेलना शासन के मातहत अधिकारी जो कि उच्च पद पर आसीन है उन्होंने ही मखौल उड़ाया जिस पर मिडिया नें डीएफओ से सवाल कर दिया तो उल्टे डीएफओ मिडिया पर ही भडक गये और गुस्से से तमतमाते हुए देख लेने और एफआईआर कराने की धमकी तक दे डाली।*

*शुक्रवार को राजकीय और राष्ट्रीय शोक घोषित होने के कारण एक दिवस का अवकाश था ,सभी शासकीय कार्यालय बंद रहे लेकिन वहीं एटीआर के नये बने भवन एवं उसके पास की पुरानी आफिस में भी कुछ काम चल रहा था, जिसके बारें में पत्रकारों ने वहां मौजूद एटीआर के डीएफओ मनोज पांडेय से सवाल पूछने की हिमाकत कर डाली, साहब मिडिया का केमरा देखकर आगबबूला हो गये ,कैमरा बंद करने की धमकी देते हुए खुद कैमरे की ओर बढ़ गए और खुद ही कैमरे पर हाथ रखने और तोड़ने की कोशिश करने लगे, मिडिया को धमकी देने लगे तुम सबको देख लूंगा और एफआईआर करा दूंगा कहने लगे, एक तो चोरी और ऊपर से सीना जोरी अगर राज्य सरकार के ऐसे आला अधिकारी जो कि उच्च पदों पर आसीन बैठे हैं ,महीने में एक या दो बार कार्यालय के चक्कर लगाने वाले ऐसे अधिकारी शासन के आदेशों की परवाह ना करते हुए जंगलराज के कानून को चलाते हुए ऐसे अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार और उस पर बैठे प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए राष्ट्रीय शोक के दिन शोक मनाने के बजाय कार्यालय खोलकर कार्यालयीन कार्य किया जा रहा था, जिस के सवाल पर चौथे स्तंभ पर ही सवाल उठाने वाले ऐसे अधिकारी के खिलाफ राज्य शासन को तत्काल कार्रवाई करना चाहिए उच्च पदों पर बैठे उच्च अधिकारियों द्वारा अगर ऐसे ही देश के चौथे स्तंभ को धमकी चमकी देने लगे मीडिया के कामों में हस्तक्षेप कर उनके खिलाफ FIR कराने की धमकी की बात करने वाले ऐसे अधिकारीयो के तानाशाही रवैया से प्रशासन और शासन की छवि खराब होती है,आए दिन पत्रकारों पर झूठी FIR कराना, धमकाना ,चमकाना जान से तक मरवा देना वर्तमान में आम बात हो गई है। जिसके लिए पत्रकारों के संगठनों द्वारा कई बार पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की बात कहीं गई राज्य शासन को वर्तमान में विधानसभा सत्र के दौरान भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की बात तमाम पत्रकारों के संगठनों ने की थी, पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर रायपुर में धरना प्रदर्शन भी किया गया था ,आज के समय में पत्रकारिता करना मुश्किल होता जा रहा है, पत्रकारों के जान पर बन आई है।

एक तरफ डीएफओ मनोज पांडेय कहते है ,की हम तो आफिस में आए है,कौन सा काम धाम कर रहे है ,आप लोग कुछ भी बोलते हो, तो वही साहब को पता रहना चाहिए की जब पूरा देश अटल जी के सम्मान में एवं उन्हे श्रदांजली अर्पित कर रहा है जबकि राज्य सरकार ने ही आदेश निकाला है,तब तो उसका पालन करना चाहिए था आप एक जिम्मेदार अधिकारी हैं, एटीआर के डीएफओ मनोज पांडे द्वारा मिडिया केसवाल पूछने पर इतने आवेश में आ गय की देख लेने और एफआईआर कराने की धमकी तक दे डाली डीएफओ के इस दुर्व्यहार से कोटा पत्रकार संघ ने इसकी कडी निंदा की साथ ही कोटा थाना में शिकायत भी दर्ज कराई है ,और शिकायत पर त्वरित कारवाई करने थाना प्रभारी को भी निवेदन किया गया है,थाना प्रभारी कृष्णा पाटले द्वारा करवाही के लिए पत्रकारों को आश्वस्त किया गया है।

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