July 25, 2021
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सरकारी भूमि का फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपी 5 साल बाद हुआ गिरफ्तार राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर रिकॉर्ड में दर्ज कराया था परिजनों का नाम

सरकारी भूमि का फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपी 5 साल बाद हुआ गिरफ्तार

राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर रिकॉर्ड में दर्ज कराया था परिजनों का नाम

Harit chhattisgarh roushan varma

अंबिकापुर :- लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत रीरी में स्थित 1132 एकड़ सरकारी भूमि का राजस्व कर्मियों के साथ सांठगांठ कर अपने तथा अपने परिजन के सदस्यों के नाम दर्ज कराने और उसका विक्रय करने का प्रयास के मामले में पुलिस द्वारा शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 5 वर्ष पूर्व अपराध पंजीबद्ध हुई थी जिस पर अब जाकर आरोपी की गिरफ्तारी हो पाई है।

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने बताया कि जिले में लंबित गंभीर प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अनुसंधान को मार्गदर्शित कर विवेचना कराई जा रही है इसी क्रम में लुंड्रा थाने में वर्ष 2013 में दर्ज अपराध क्रमांक 18 /13 धारा 420 ,467, 468, 471 ,120 बी के मामले में ग्राम रीरी में 1132 एकड़ शासकीय भूमि को हल्का पटवारी एवं अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर रीरी निवासी यादव परिवार के नाम पर शासकीय भू-अभिलेख में फर्जी रूप से दर्ज कराए जाने के मामले की जांच शुरू की गई है। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व में ही एक आरोपी साबिर को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले में जिस यादव परिवार का नाम पर भूमि को दर्ज किया गया था उसके बारे में ग्राम रीरी में कोई पता नहीं चल पा रहा था। इस पर एसपी ने बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर ब्लाक में इसी प्रकार के एक मामले में आरोपी व्यास मुनि यादव को संदेही मानकर जब जांच शुरू की तो उसके इस प्रकरण में शामिल होने की पुख्ता जानकारी मिली । इस पूरे प्रकरण का सरगना व मास्टरमाइंड व्यास मुनि यादव राजनीतिक रसूख भी रखता है वह पूर्व में दो बार अलग-अलग पंचायतों से उपसरपंच तथा एक बार जनपत पंचायत सदस्य भी रह चुका है। वह क्षेत्र में विधायक का प्रतिनिधि बनकर घूमता है। पुलिस ने जब उसका पता लगाकर उसे हिरासत में लिया तथा उससे पूछताछ की तो उसने मामले में शामिल होने की बात कही। मामले में उसके साथ रामचंद्रपुर का दोस्त दस्तगीर नामक शातिर बदमाश भी शामिल है जिसे किसी का भी फर्जी हस्ताक्षर करने में महारथ हासील है। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इस मामले में वह तथा उसके साथियों द्वारा राजस्व अधिकारियों की सांठगांठ कर जमीन को परिजनों के नाम कर उसे रायपुर स्थित एसकेएस इस्पात एंड पावर कंपनी की सहयोगी कंपनी कोल माइंस को बेचने की तैयारी में था , परंतु कंपनी द्वारा जमीन के बारे में जानकारी जुटाई जाने पर मामला खुल गया जिसके बाद मामले में अपराध दर्ज हो गया ।

लुण्ड्रा के इस बहुचर्चित प्रकरण में पुलिस ने वहां पांच राजस्व कर्मियों के विरुद्ध भी नामज़द अपराध दर्ज किया है। इन कर्मियों में तीन पटवारी एक बंदोबस्त अधिकारी एक कानूनगो अधिकारी शामिल है। पुलिस इन के विरुद्ध कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

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