July 26, 2021
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पाक को धूल चटाने वाले भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह का निधन,सेना से कभी रिटायर नहीं हुए मार्शल अर्जन सिंह

हरित छत्तीसगढ़

वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह का शनिवार को निधन हो गया. वह 98 वर्ष के थे. अर्जन सिंह को जब वायु सेना प्रमुख बनाया गया था तो उनकी उम्र उस वक्त महज 44 साल थी और आजादी के बाद पहली बार लड़ाई में उतरी भारतीय वायुसेना की कमान उनके ही हाथ में थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर शोक जताया

अर्जन सिंह का जन्म 15 अप्रैल 1919 को अविभाजित भारत के फैसलाबाद में एक सैन्य परिवार में हुआ था। फैसलाबाद अब पाकिस्तान का हिस्सा है। अर्जन सिंह 19 साल की उम्र में रॉयल एयर फोर्स कॉलेज जॉइन से जुड़े थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने साहस का परिचय दिया था जब उन्होंने बर्मा में ब्रिटिश-भारतीय पायलट ऑफिसर के रूप में जापानी सेना का सामना किया था। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने IAF के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में सेवाएं दी थीं। IAF का नेतृत्व करने और ऐतिहासिक युद्ध में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया था।अर्जन सिंह ने 19 साल की उम्र में रॉयल एयरफोर्स कॉलेज ज्वॉइन किया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अर्जन सिंह ने बर्मा में बतौर पायलट वीरता का प्रदर्शन किया। अर्जन सिंह को 1964 में चीफ ऑफ एयर स्टॉफ बनाया गया था। 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में अर्जन सिंह ने वायुसेना का नेतृत्व किया था। व्हीलचेयर पर आए थे एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देने एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह का जन्म पंजाब के ल्यालपुर में 15 अप्रैल 1919 को हुआ था। यह इलाका अब अब पाकिस्तान में है, जिसे आज लोग फैसलाबाद के नाम से जानते हैं। पद्म विभूषण से सम्मानित भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह एक मात्र ऐसे ऑफिसर हैं, जिन्हें फाइव स्टार रैंक दिया गया था। फाइव स्टार रैंक फील्ड मार्शल के बराबर होता है। अर्जन सिंह ही केवल ऐसे चीफ ऑफ एयर स्टॉफ हैं जिन्होंने एयरफोर्स प्रमुख के तौर पर लगातार पांच साल अपनी सेवाएं दीं। अर्जन सिंह भारतीय वायुसेना के एक मात्र फाइव स्टार रैंक ऑफिसर हैं।अर्जन सिंह 1 अगस्त 1964 से 15 जुलाई 1969 तक चीफ ऑफ एयर स्टाफ रहे। 1965 की लड़ाई में अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए उन्हें एयर चीफ मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया था। अर्जन सिंह को 1971 में स्विट्जरलैंड में भारत का एंबेसडर भी नियुक्त किया गया था। पूर्व राष्‍ट्रपति अब्‍दुल कलाम के निधन के वक्‍त अर्जन सिंह व्‍हील चेयर पर श्रद्धांजलि देने के लिए पालम एयरपोर्ट पर गए थे। उस वक्‍त अर्जन सिंह की उम्र 96 वर्ष थी।

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