July 24, 2021
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चार स्तरीय समयमान वेतनमान के घोषणा के अनुरूप नहीं है वित्त विभाग आदेश

चार स्तरीय समयमान वेतनमान के घोषणा के अनुरूप नहीं है वित्त विभाग आदेश

सक्ती:-
छ ग शासन वित्त विभाग ने 8 अगस्त 18 को राज्य के सिविल सेवा के सदस्यों के लिए तृतीय समयमान वेतन का आदेश जारी किया है।लेकिन भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र 2013 में चार स्तरीय पदोन्नत पद का वेतनमान देने का संकल्प था।मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के द्वारा चार स्तरीय समयमान वेतनमान देने की घोषणा बिलासपुर में किया गया था। लेकिन वित्त विभाग का आदेश घोषणा के अनुसार नही है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन सक्ती के जिला अध्यक्ष अशोक चौहान ने बताया कि प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने सचिव स्कूल शिक्षा श्री गौरव द्विवेदी एवं संयुक्त सचिव वित्त श्री एस के चक्रवर्ती से मिलकर शिक्षक संवर्ग से संबंधित स्वीकृत किये गए वेतनमानों पर चर्चा कर ज्ञापन दिया है।
उन्होंने बताया कि जारी आदेश,सहायक शिक्षक पद पर भर्ती हुए शिक्षकों के लिए प्रभावशील नही होगा।ऐसे मामलो में क्रमोन्नति वेतनमान से 9300-34800 पे बैंड + 4300 ग्रेड पे 20 वर्ष सेवा पर मिल गया है। अतः 30 वर्ष सेवा के बाद पुनः 4300 ग्रेड पे ही स्वीकृत होना हास्यास्पद है।सहायक शिक्षक संवर्ग को समयमान वेतनमान के स्थान पर क्रमोन्नत वेतनमान, शासनादेश 10 मार्च 2017 द्वारा स्वीकृत हुआ था।ऐसी परिस्थिति में सहायक शिक्षक एवं इस पद से पदोन्नत हुए शिक्षकों के लिए वित्त विभाग का आदेश निष्प्रभावी है। फेडरेशन ने चार स्तरीय समयमान वेतनमान का 11 प्रस्ताव (सारणी) सरकार को सुझाया था। जिससे वेतन विसंगति का निराकरण होता। लेकिन सरकार ने बेतुका आदेश जारी किया है।
उन्होंने बताया कि सहायक शिक्षक पद पर सीधी भर्ती से आये शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतन, पे-बैंड 15600-39100+5400 ग्रेड पे स्वीकृत करने का ज्ञापन प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने दिया है।सहायक शिक्षक(2400)से उच्च वर्ग शिक्षक(4200) से व्याख्याता(4300) से प्राचार्य(5400) पर पदोन्नति होता है। शासनादेश 5 जुलाई 2002/23 सितंबर 2002 के अनुसार पदोन्नति की पात्रता होती। लेकिन पदोन्नति नहीं मिलने के एवज में क्रमन्नति/समयमान देय है।
उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के आदेश 8 अगस्त18 के कंडिका-2 में उल्लेख है कि “जिनको विशिष्ट योजना के तहत समयमान प्राप्त है,उनको कैबिनेट से आदेश के बाद ही 30 वर्ष का लाभ प्राप्त होगा”। इसके दायरे में वे सभी शिक्षक आ रहे हैं,जिनका प्रथम नियुक्ति सहायक शिक्षक पद पर हुआ था।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश,30 सितंबर 14 को जारी हुआ था। प्रभावशील तिथि 1जुलाई14 से है। निश्चित ही छठवे वेतन निर्धारण में पे बैंड पे का 3 % का लाभ मिलेगा।जोकि 2.57 के गुणा से सातवे वेतन में निर्धारण ज्यादा पर होगा।लेकिन छत्तीसगढ़ का आदेश 1 जनवरी16 से प्रभावशील किया गया है। इसके कारण केवल अगले स्टेज के वेतन निर्धारण में “नहीं के बराबर” वेतन वृद्धि हो रहा है। 30 वर्ष सेवा के बाद मात्र 100,200, या 300 रुपये का वृद्धि कर्मचारियों के वेतन में हो रहा है।
उनका कहना है कि कर्मचारियों के साथ हुए अन्याय के विरूद्ध कोई बड़ा निर्णय फेडरेशन लेगा।

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