October 18, 2021
Breaking News

अब लोन डिफॉल्ट करने वालों पर भी बैंक नहीं डाल पाएंगे दबाव

केंद्र सरकार ने लोन डिफॉल्ट (लोन न चुका पाने पर) करने वालों को बड़ी राहत दी है. दिवालिया से जुड़े नियम बदले जा रहे हैं. सरकार की इस कवायद से लोगों को कर्ज के जाल में फंसने की बजाय वित्तीय संकट से आसानी से निपटने में मदद मिलेगी. अब बैंक उनसे एक मुश्‍त राशि नहीं मांगेगा, बल्कि आसान शर्तों पर किस्‍तों में ही पैसे लेगा.

प्रक्रिया को और मानवीय बनाना चाहती है सरकार
तैयार किए जा रहे नियम लोन डिफॉल्ट करने वाले व्यक्ति को एक प्लान के मुताबिक लोन चुकाने में मदद करेंगे. साथ ही उन पर एक बार में लोन चुकाने का दबाव नहीं होगा. सूत्रों ने बताया कि सरकार इस प्रक्रिया को ज्यादा मानवीय बनाना चाहती है. इन नियमों से किसानों से लेकर किराना दुकान के मालिक और मध्यम वर्गीय वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिन्हें नौकरी जाने समेत दूसरे कई कारणों से लोन चुकाने में दिक्कत होती है.

इंडीविजुअल बैंकरप्शी (किसी व्यक्ति का दिवालिया होना) से निपटने के लिए एक सदी से ज्यादा पुराने कानून हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में किफायत के साथ इनका इस्तेमाल किया गया है. इसका न्याय अधिकार क्षेत्र केवल जिला जजों तक सीमित हैं. मौजूदा समय में बैंक सिक्योरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स और इंफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट के तहत डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल का रुख करते हैं. इसका मकसद बकाए की रिकवरी होता है.

इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्शी कोड (IBC) इंडीविजुअल्स को दिवालिया घोषित किए जाने की सहूलियत देते हैं, लेकिन अभी तक यह केवल कॉरपोरेट सेक्टर और स्टार्ट-अप्स तक सीमित है. लेकिन अब, कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री और इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्शी बोर्ड ऑफ इंडिया ने इंडीविजुअल्स और पार्टनरशिप फर्मों की मदद करने के लिए नियम लाने पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *