November 29, 2021
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रोहिंग्या पर केंद्र ने SC में कहा, देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं

हलफनामे में रोहिंग्या शरणार्थियों के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से कनेक्शन होने की बात करते हुए उन्हें किसी कीमत में भारत में रहने की इजाजत नहीं देने की बात कही गई है।
नई दिल्ली।
रोहिंग्या मुस्लिम मामले में केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल कर दिया है। इसमें सरकार ने कहा है कि जहां तक रोहिग्याओं की बात है वह लोग भारत-म्यांमार पर बनी पोरोस सीमा को पार कर भारत में आए हैं और देश में नहीं रह सकते।16 पेज के हलफनामे में कहा गया है कि भारत में कुल 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं। इनके लगातार भारत आने और यहां रहने से देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।केंद्र ने अदालत से कहा है कि रोहिग्याओं का भारत में रहना गैरकानूनी है। इन्हें भारतीय नागरिकों की तरह संवेधानिक अधिकार नहीं दिए जा सकते। अदालत इस मामले से दूर रहे।इसमें आगे यह भी कहा गया है कि कुछ रोहिंग्या अवैध और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं मसलन हवाला और हुंडी के जरिए धन एकत्रित करना, दूसरे रोहिंग्याओं के लिए फर्जी पहचान बनाना साथ ही मानव तस्करी करना।

केंद्र ने कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थी नॉर्थ ईस्ट कॉरिडोर की स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। रोहिंग्या देश में रहने वाले बौद्ध नागरिकों के खिलाफ हिंसक कदम उठा सकते हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जम्मू, दिल्ली, हैदराबाद और मेवात में सक्रिय रोहिंग्या शरणार्थियों के आतंकी कनेक्शन होने की भी खुफिया सूचना मिली है।

मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।

इससे पहले केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दाखिल किया था उसे होल्ड पर रखने की अपील करते हुए कहा था कि वो अंतिम नहीं हैं। उसमें इन लोगों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया था।सरकार का कहना था कि रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में रहने नहीं दिया जा सकता। हलफनामे में कहा गया था कि सरकार को जो खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के अनुसार रोहिंग्या मुस्लिम आतंकियों से मिले हुए हैं। विदित हो की म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों की जनसंख्या 13 लाख बताई जाती है लेकिन दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी एशिया में इनकी संख्या 15 लाख है। साल 2013 में संयुक्त राष्ट्र ने रोहिंग्या मुस्लिमों को दुनिया का सबसे सताया हुआ अल्पसंख्यक समुदाय बताया था। म्यांमार की सेना ने हाल ही में रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है जिसकी वजह से लाखों रोहिंग्या भागकर बांग्लादेश के शरणार्थी कैंपों में शरण ले चुके हैं।

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