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प्रताडऩा से तंग छात्र ने किया सुसाइड अटेंप्ट, गुस्साए स्टूडेंट्स ने कक्षाओं का बहिष्कार कर 8 घंटे किया प्रदर्शन

_शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा, सरस्वती शिशु मंदिर के १२वीं के छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश का मामला_

प्रतापपुर:जरही/. सूरजपुर जिले के जरही स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षकों की प्रताडऩा से तंग आकर बारहवीं के एक छात्र ने बांध में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों ने सोमवार को कक्षा का बहिष्कार कर स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।

विद्यार्थी करीब 8 घंटे तक स्कूल के बाहर बैठे रहे, मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर एक बार फिर मामले को टाल दिया। इस प्रकरण में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने से पुलिस की भी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गौरतलब है कि जरही निवासी अमित मेहता पिता प्रमोद मेहता सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा बारहवीं का छात्र है। उसने शनिवार को स्कूल में शिक्षकों की प्रताडऩा से तंग आकर डूमरिया बांध में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। उसे वहां से गुजर रहे लोगों ने बाहर निकालकर उसकी जान बचाई थी।

इस मामले में छात्र संगठनों ने स्कूल का घेराव भी किया था। वहीं पीडि़त के परिजन द्वारा भटगांव थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किए ही पीडि़त परिवार पर आपसी समझौता करने का दबाव बनाकर पूरे मामले को ही दबा दिया। सोमवार को कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर कक्षा का बहिष्कार कर दिया और स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। वे प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़ गए।

उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थी कड़ी धूम में स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते रहे लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं भटगांव पुलिस मौके पर तैनात रही।

करीब 8 घंटे के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप कर एक बार फिर मामले को दो दिन के लिए टाल दिया। इस संबंध में प्राचार्य संगमलाल पांडेय ने कहा कि पीडि़त छात्र द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश के मामले में लिखित शिकायत दर्ज करने के बावजूद पुलिस द्वारा जिस तरह से आपसी समझौता कराने का खेल खेला गया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं सोमवार को भी आंदोलन के दौरान पुलिस विद्यार्थियों पर ही रौब दिखाती दिखी।

कोर कमेटी की बैठक में होगा फैसला
विद्यार्थियों के घंटों प्रदर्शन के बाद भी मामले में त्वरित कार्रवाई न कर दो दिन और टाल दिया गया। स्कूल कमेटी ने निर्णय लिया कि 19 सितम्बर को कोर कमेटी अभिभावकों व छात्रों के साथ बैठक कर इस मसले का हल निकालेगी। वहीं लगातार प्राचार्य की बदसलूकी से छात्र-छात्राओं में काफी नाराजगी है।

प्राचार्य के खिलाफ विभिन्न बिंदुओं का ज्ञापन छात्र संघ के प्रतिनिधियों के साथ छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन समिति को सौंपा। विद्यार्थियों व छात्र संघ ने प्राचार्य के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
छात्रों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा दो दिवस के भीतर बैठक आयोजित की गई है। बैठक में छात्र-छात्र द्वारा संतुष्ट होने के उपरांत मामले को विराम दे दिया जाएगा। वही असंतुष्टि पर पुन: कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन का रुख अख्तियार किया जाएगा।

वहीं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ छात्र संघ नेताओं द्वारा किसी पुराने मुद्दे को लेकर साजिश के तहत आंदोलन कराया जा रहा है। इधर छात्र नेताओं ने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के आरोप को नकार दिया है।

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