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हर गरीब बच्चा इंग्लिश मिडियम स्कूल में निःशुल्क पढ़ेगा, नहीं तो नोटा पड़ेगा : पॉल


राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने सीईओ, छग राज्य निर्वायन आयोग से नोटा बटन के प्रचार-प्रसार करने के संबंध में जानकारी मांगा गया है, उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और उनके पुत्र सांसद के जिले में शिक्षा का बुरा हाल है। निजी स्कूलों को लाभ पहंुचाने के लिये पूरे प्रशासन लगा हुआ है। दो हजार से अधिक गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा से वंचित कर दिया गया। तीन सौ से अधिक निजी स्कूलों को चुनाव से पूर्व तीन वर्षो के लिये विभागीय मान्यता दे दिया। जिले में एक कनिष्ठ और अयोग्य जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति, वह भी राज्य शासन के स्थायी निर्देश को बाईपास करते हुए कर दिया गया है। सरकारी स्कूलों को शिक्षकों की भारी कमी है, तो आज भी कई स्कूलों में बच्चे जर्जर भवनों में जमीन में बैठकर पड़ने को मजबूर है। चुनाव से पूर्व आरंभ किये गये इंग्लिश मिडियम स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक बच्चों को हिन्दी में पढ़ा रहे है।
शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिये निजी स्कूलों को दी जानी वाली प्रतिपूर्ति राशि विगत दो वर्षो से जिले में नहीं दिया गया है। चुनाव से पूर्व तिहार मानने वाले मुख्यमंत्री और उनके पुत्र सांसद के पास गरीब बच्चों को तामिल देने के लिये पैसे नहीं है। वीवीआईपी जिला होने का लाभ गरीब बच्चों को नहीं मिला है। गरीब बच्चों से उनका मौलिक अधिकार छिन लिया गया। पीड़ित पालकों का जो सपना था कि उनके बच्चे अच्छे निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा पायेंगें वह समाप्त हो गया। राजनांदगांव में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे व्यापक भ्रष्ट्राचार पर आज तक कोई भी राजनीतिक पार्टी के लोगों ने खुलकर विरोध नहीं किया तो फिर हम क्यों ऐसे नेताओं को अपना बहुमुल्य वोट दे। श्री पॉल का कहना है कि चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मिलने के पश्चात उनका संघ नोटा बटन दबाकर अपना विरोध प्रकट करने के लिये पीड़ित पालकों और वोटरो को प्रोत्साहित करेगा।
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