July 25, 2021
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जशपुर पंडरीपानी स्थित डीएवी मॉडल स्कूल अपने कार्यशैली को लेकर विवादों में

हरित छत्तीसगढ़ पत्थलगांव
जशपुर जिले के पंडरीपानी स्थित मॉडल स्कूल में अव्यवस्था का आलम तो है ही अब स्कूली छात्र से भी बदतमीजी को उतारू नजर आ रहे है डीएवी पंडरीपानी तमता के स्कूल इंचार्ज और प्रबंधन की मनमानी कम होने का नाम नही रही है उनकी मनमानी ओर छात्रों के प्रति लापरवाही का ही नतीजा है कि बीते दिनों एक बच्चा स्कूल से नदारद हो गया काफी खोजबीन करने के बाद भी नही मिला बाद में बच्चा स्वमेव देर रात घर पहुंचा तो स्कूल प्रबन्ध की जान में जान आयी वही आज सुबह पत्थलगांव छात्रों के बस से जाने के बाद आधे बच्चो को स्कुल में घुसने देने से प्रवेश को वंचित छात्रों द्वारा प्रबन्धन से सवाल जवाब किये जाने पर छात्रा को ही तमीज से बात करने की नसीहत देते हुए उनके स्कूल समय पर नही पहुँचनो के लेकर सवाल खड़े कर दिया सोचने वाली बात यह है कि एक ही समय मे स्कूल बस से पहुंचे बच्चो को चिन्हित कर प्रवेश दिया गया जबकि कुछ बच्चो को प्राथना होने का कारण बताकर बाहर ही रोक दिया।आधे बच्चो को प्रवेश दिया गया और आधे बच्चो को अंदर घुसने नही दिया गया स्कूल के गेट बंद कर दिया गया। वजह बताया प्राथना हो रही थी तो फिर सोचने वाली बात यह है कि आधे बच्चो को घुसने ही क्यों दिया गया ये बात भी समझ से परे है जिस बस में टीचर सवार थे उन्हें देर से आने के बावजूद अंदर आने दिया गया,
प्रेयर हो जाने के बाद बाहर मायूस खड़े सेजल गुप्ता नामक 12 वी की छात्रा ने इस बारे में टीचरों से शिकायत की तो उसे इंचार्ज सर के पास ले जाकर उल्टा उसे ही तमीज से बात करने की नसीहत देते हुए कई उल जुलूल सवाल दाग दिये जैसे आपको आपको ही क्यों परेसानी हो रही है स्कूल दौड़ के आना चाहिए जब छात्रा ने कहा कि कीचड़ है अगर गिर जाएंगे चोट लग जायेगी तो वहां के पीटी सर अमित ने कहा कि हम इलाज करवा देंगे वही अभिभावकों का कहना है कि मॉडल स्कूल के टीचर अपनी प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर मनमानी करना चाह रहे है जो एकदम गलत बात है कई छात्रों के पालक अब स्कूल के मनमानी रवैये से पीड़ित नजर आ रहे है आज शाम को स्कूली छात्रा से हुए उलजुलूल सवाल जवाब को लेकर अभिभावकों ने जब इस बारे में डीएवी के इंचार्ज से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने स्कूल के अपने नियम है कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। वही प्राथना होने का हवाला देकर चिन्हित बच्चो को प्रवेश और चिन्हित को बाहर रोक देना अभी भी बाहर मायूस खड़े रहने वाले बच्चो के मन में कसक बना रखा है प्रवेश से वंचित छात्र बार बार इस सवाल को लेकर कभी पालको से तो कभी जान पहचान वालो से करते नजर आ रहे है।वही इस घटना को जिसने भी सुना ये कैसा नियम है कि आधे बच्चो को प्रेयर में जाने दिया जाए और आधे बच्चो के लिए गेट बंद कर दिया जाए कहते नजर आए।
इस सम्बंध में डीएवी के चार स्कुलो के इंचार्ज मिश्रा सर भटगांव से भी फोन से सम्पर्क कर इस बारे में सूचना दी गई पर उन्होंने खुद को मीटिंग में होने की बात कही।वही कुछ अभिभावकों ने इस मामले को जिला कलेक्टर डॉक्टर प्रियंका शुक्ला को वाट्सएप के माध्यम से सूचित कर डीएवी स्कूल प्रबंधन के रवैये से अवगत कराया गया और प्रबन्धन के मनमाने रवैये पर अंकुश लगाने की निवेदन की गई है। विदित हो आज तक इस स्कूल के पास अपना स्वतन्त्र प्रिंसिपल तक नही है जिसके कारण यहां अधिकांश शिक्षक की कार्यशैली लचर हालात में आ गए है।
जितेंद्र गुप्ता पत्थलगांव

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