July 24, 2021
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बोनस की घोषणा से कांग्रेसियों के पेट में दर्द….धरम लाल कौशिक

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेसियों के धरना प्रदर्शन व आंदोलन पर प्रतिक्रिया में कहा कि 15 वर्षों से सत्ता का बाट जोह रही कांग्रेस इन दिनों नकारात्मक चिंतन के दौर से गुजर रही है। डॉ रमन सरकार द्वारा किसानों को बोनस की घोषणा से सन्न कांग्रेसियों के पेट में दर्द हो रहा है। लगातार 60 वर्ष तक शासन में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने किसी भी वर्ष बोनस नही दिया ।संतुष्ट किसान का वोट भाजपा को मिलने के डर से बौखलाये कांग्रेसी किसानों को बर्गलाने के लिये किसी भी हद तक जाने के हथकण्डे अपना रहे हैं। सर्वहारा चिंतन के चलते डॉ. रमन के नेतृत्व में लगातार तीन कार्यकाल पूर्ण करने जा रही भाजपा सरकार के किसान हितैषी कार्यों के कारण अवश्यंभावी दिख रही चौथी पारी पर संकीर्ण नजरिये के साथ कांग्रेसी, अब झूठ के सारे हथकण्डों के साथ रोड नापने की हद पार करते नजर आ रहे हैं।
किसानों की कर्जमाफी धान का समर्थन बढ़ाये जाने बोनस के साथ मुफ्त बिजली जैसी मांगों के लिये आंदोलनरत कांग्रेसी इन्ही विषयों पर सरकार के कार्यों को नहीं समझ पा रही है। सरकार के द्वारा- 21 जिलों के 96 तहसील अकालग्रस्त घोषित मनरेगा के तहत 200 दिन के काम पंचायतों में 24 घंटे बिजली- 7500 यूनिट मुफ्त शून्य दर पर कृषि ऋण प्रति वर्ष शून्य प्रतिशत ब्याज दर की सब्सिडी बैंकों को सरकार द्वारा दिया जा रहा है। अन्नदाता सुखी भव: को सार्थक करती कृषक हितैषी रमन सरकार धान के कटोरे के गौरव को कटोरे भर धान के साथ वापस लाने प्रतिबद्ध है। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने समर्थन मूल्य में 80 रूपए की वृद्धि के साथ पतले धान की कीमत- 1590/- मोटे धान की कीमत- 1550/- वर्तमान में 300/- रूपए बोनस जोड़कर 1890/- एवं 1850/- हो गये।
किसानों को खेती के लिए समितियों में ब्याज मुक्त ऋण सुविधा दी गई है। कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत 3 हार्स पॉवर तक सिंचाई पम्पों के लिए 6000 यूनिट और 3-5 हार्स पावर तक के सिंचाई पम्पों के लिए 7500 यूनिट बिजली हर साल नि:शुल्क दी जाती है। समर्थन मूल्य नीति के तहत धान खरीदी की कम्प्यूटरीकृत पारदर्शी व्यवस्था के साथ राज्य में वर्ष 2003 में विद्युतीकरण सिंचाई पम्पों की संख्या लगभग 94 हजार थी, जो वर्ष 2015-16 में बढ़कर लगभग तीन लाख 70 हजार तक पहुंच गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना- खरीफ 2016 छत्तीसगढ़ के 13.66 लाख किसान शामिल, जिसमें 12 लाख 9 हजार ऋणी तथा 1 लाख 56 हजार अऋणी किसान।
कृषि के समुचित विकास एवं कृषकों के उत्थान के लिये बहुआयामी कदम उठाये जाने की आवश्यकता होती है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण कर रही है, कृषि कार्य के लिए आवश्यक श्रम सहित बिजली पानी एवं खाद्य व प्राकृतिक प्रकोप से बचने के उठाये गये कदमों के साथ आधुनिक खेती को बढ़ावा देती डॉ. रमन के नेतृत्व में छ.ग. सरकार चार बार कृषि कर्मण 2010, 2012, 2013 व 2015 प्राप्त कर चुकी है। धोखा, छल व अनर्गल बातों के बहकावे की राजनीति करने वाले कांग्रेसियों को किसानों की खुशी बर्दाश्त नहीं हो रही है। कार्योे के चलते लगातार छ.ग. के किसान भाजपा को मौका दे रहे हैं। औंर कांग्रेसियों के छल को समझ रहे हैं। इसी कारण कांग्रेसियों के पेट में दर्द हो रहा है औंर वे गलत हथकण्डे अपनाने को आतुर दिखते हैं।

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