December 4, 2021
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फलाहारी बाबा ने मेरी पत्नी से भी कहा था – हम एक वारिस देना चाहते हैं, लेकिन…

यौन शोषण के आरोपी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी के बाद पीडि़ता के पिता ने कई एेसे खुलासे किए जो चौंकाने वाले थे।
रायपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की युवती से यौन शोषण के आरोपी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी के बाद पीडि़ता के पिता ने पत्रिका से अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने फलाहारी बाबा के कई एेसे खुलासे किए जो चौंकाने वाले थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, बाबा ने हमारी पत्नी से भी कहा कि हम एक वारिस देना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने ऑपरेशन तक खुलवाने को कहा, और बोले कि हम ऐसी जड़ी बूटी देंगे जिससे वारिस मिल जाएगा। हालांकि हमने साफ मना कर दिया।
उन्होंने बताया कि बाबा सम्मोहन करता है। उनके सम्मोहन में ही फंसकर ही उनका परिवार अंधभक्त बन गए थे। जिसका खामियाजा इस कदर भुगतना पड़ेगा, यह सपने में भी नहीं सोचा था। उन्होंने लोगों को सुझाव दिया है कि ऐसे बाबाओं से बच कर रहें। जरूरी है तो पूरी पड़ताल करके ही किसी से जुड़ें।
उन्होंने बताया कि इस बच्ची को बाबा ने गोद में भी खिलाया है। हम उनके अंधभक्त थे इसलिए अवश्विास का सवाल ही नहीं था? घटना वाले दिन वह अपनी पहली कमाई का चेक उन्हें देने गई थी। मेरे जैसे कई लोग हैं जो इस सम्मोहन में बंधे रहे हैं।
आश्रम का कमरा सील
पुलिस अधिकारी ने बताया, हमने महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं और उसे आश्रम में उस कमरे की पहचान कराने के लिए ले जाया गया, जहां यह अपराध हुआ था। उसे बाबा के उस भक्त की भी पहचान कराने के लिए आश्रम ले जाया गया था, जिसने उसे अलवर रेलवे स्टेशन पहुंचाया था। पुलिस ने बाबा के उस कमरे को सील कर दिया है, जहां से वह अपने अनुयायियों को संबोधित करते थे।
बिलासपुर में कराया था मामला दर्ज
पीडि़ता ने पहले इस मामले को बिलासपुर पुलिस थाने में दर्ज कराया था, जिसे बाद में अलवर के अरावली विहार पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था। मामला ऐसे समय प्रकाश में आया है, जब 25 अगस्त को पंचकुला की विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी।
न्यूरोलॉजी के अस्पताल में अल्सर का इलाज
आंत के अल्सर का इलाज न्यूरोलॉजी अस्पताल में। सुनने में यह बड़ा ही अजीब लगा होगा, लेकिन यह सत्य है। अलवर में फलाहारी बाबा पर जैसे ही यौन शोषण का आरोप लगा, वो न्यूरोलॉजी सर्जरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए थे। जबकि अस्पताल में उनकी बीमारी का कोई इलाज नहीं था। इलाज के नाम पर बाबा के केवल ग्लूकोज की बोतल लगी थी।
इससे साफ है कि बाबा पुलिस से बचने के लिए पूरा नाटक कर रहे थे। इतना ही नहीं उनकी बीमारी के हिसाब से उनको आईसीयू की भी कोई जरूरत नहीं थी। लेकिन फिर भी वो आईसीयू में भर्ती हुए। इसके बाद फलाहारी बाबा को शुक्रवार को दोपहर में ११ से १२ बजे के बीच में आईसीयू से प्राइवेट वार्ड में भर्ती कर दिया गया था।
खबर स्त्रोत पत्रिका डॉट कॉम

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