November 29, 2021
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अव्यस्थाओ के बीच शिक्षा, साराडीह स्कूल का खेल मैदान या घास मैदान???

हरित छत्तीसगढ़ बसन्त चन्द्रा

अव्यस्थाओ के बीच शिक्षा, साराडीह स्कूल का खेल मैदान या घास मैदान???

जांजगीर/डभरा:- छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते नजर आ रहे हैं और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए तमाम योजनाएं ला रहे हैं लेकिन सरकार की सारी योजनाएं जिले में फेल होते हुए नजर आ रही क्योंकि आलम ही हैं कि कहीं भवन की कमी है तो कहीं खेल मैदान की तो कहीं रसोई भवन की तो कहीं जिम्मेदार द्वारा छात्रों को सही दिशा निर्देश ना देना। जिसकी वजह से तमाम योजनाएं फेल से होते हुए नजर आ रहे हैं। योजना के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति वैसे तो सरकार शिक्षा में सुधार लाने के लिए अब एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान जैसे योजनाएं चला रही हैं जिसमें जिले के आला अधिकारी के साथ जनप्रतिनिधि भी स्कूलों के निरीक्षण में जा रहे हैं लेकिन ऐसे अभियान का अस्तित्व क्या जिसमें आलाधिकारी सिर्फ हाजिरी बजाने के नाम पर जा रहे हो कुछ दिन पहले जांजगीर-चांपा जिले के डभरा विकास खंड के अंतर्गत ग्राम साराडीह में स्थित प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में जहां जिले के लिए कलेक्टर SDM के साथ तमाम आला अधिकारी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था अभियान के तहत पहुंचे जिसमें बच्चों से सवाल जवाब किए तमाम तामझाम के साथ सभी की हाजिरी भी हो गयी लेकिन ऐसे शिक्षा गुणवत्ता अभियान का क्या मतलब जहां कलेक्टर साहब की नजर खेल के मैदान पर पड़ी ही नहीं शिक्षा के साथ साथ खेल भी चाहिए मगर खेल मैदान घास के मैदान में तब्दील हो जाए और आरा अधिकारी द्वारा इस पर कोई पहल ना की जाए तो इस पर कौन क्या कर सकता है वही जब हमारी BBN 24 के कैमरे की नजर स्कूल में बने छत्तीसगढ़ के नक्शे पर पड़ी जब जब छत्तीसगढ़ बना था वहीं नक्शा आज भी मौजूद है नए जिले का जिक्र हुआ है ना ही नए नक्शे के लिए स्कूल प्रबंधन में ध्यान दिया ऐसे में छात्रों को जिले के बारे में क्या जानकारी होगी आप समझ सकते हैं वहीं पानी का बोर वेल पिछले 1 साल से खराब पड़ा हुआ है जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया अनेक अव्यवस्था से जूझ रहा साराडीह स्कूल जिस पर आज तक कोई पहल नहीं की गई बात करें यहां के किचन सेड की जो जर्जर पुराने स्कूलों में आज भी संचालित हो रहा है जिस पर कोई भी बड़ी से बड़ी दुर्घटना घट सकती है लेकिन पूछ परख कहा। खेल मैदान या घास का मैदान वही हैरानी कर देने वाली बात सामने आई जो खेल का मैदान है जिसमें घास आ गए हैं जिससे ना तो कटाई की गई ना साफ सफाई की गई आपको बता दें साराडीह महानदी तट पर होने की वजह से घास फूस के क्षेत्र में जहरीले सांप बिच्छू कीट-पतंगों का डर बना रहता है ऐसे में छात्र शौचालय जाने के लिए भी बड़ी बड़ी घास फूस के बड़ी झाड़ियों से गुजर जाना पड़ता है खेल के मैदान पर भी बड़े-बड़े झाड व घास उग गए हैं लेकिन आज तक ना तो किसी जनप्रतिनिधि की नज़र पड़ी ना किसी आलाधिकारी कई बार तो कई बच्चों को भी बिच्छू ने डंक मार दिया जिसकी वजह से आज भी डर का माहौल बना रहता है। । क्या कहते है प्रधान पाठक वही जब हम स्कूल के प्रधान पाठक से बात की तो उनका कहना है कि उनके द्वारा घास को खत्म करने के लिए दवाई डाल दिया गया था मगर पूरा साफ नहीं हो पाया आगे फिर से यही काम की जाएगी मगर सवाल यह उठता है की सफाई कब की जाएगी वही मामले की जानकारी आलाधिकारी व जनप्रतिनिधी को देने की बात कही । सहनु राम निषाद प्रधान पाठक।। क्या कहते है जिम्मेदार अधिकारी वही जब हम डभरा SDM बजरंग दुबे के पास जवाब मांगने पहुंचे तो उनका कहना है कि उनके द्वारा डभरा बीईओ को आदेशित किया गया था मगर अगर अभी तक सफाई या स्कूल में किसी प्रकार की असुविधा बनी हुई है इसके लिए मैं तत्काल बीईओ को निर्देशित कर तुरंत स्कुलो में हो रही अवस्थता को दूर करा दी जायेगी। अपनी जिम्मेदारियों से बचते नजर आए डभरा बीईओ वही जब BBN 24 की टीम ने डभरा बीईओ ताराचंद भाई से मामले की जानकारी लेनी चाही तो उनका कहना है कि वह नव पदस्थ हैं उन्हें किसी मामले के बारे में जानकारी नहीं है वह ना तो उनको किसी भी प्रकार की लिखित आदेश मिला है नाही उन्होंने कभी स्कूल को जा कर देखा है।लेकिन आपको बता दे डभरा बीईओ साहब कलेक्टर एवं SDM के साथ स्वयं निरीक्षण में गए थे लेकिन मीडिया के सामने झूठ बोलते नजर आए। शिक्षा गुडवत्ता अभियान ठंडे बस्ते में लेकिन जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता को लेकर काफी सज्ज नजर आ रहे हैं वही शिक्षा के मंदिर में ऐसा क्यों। बच्चों को शिक्षा के साथ साथ खेल भी चाहिए जिससे उनकी सर्वांगीण विकास होती है लेकिन खेल के मैदान में जब घास हो वहां जहरीले सांप बिच्छू जहरीले कीट पतंगों का डेरा हो ऐसे जगह में बच्चे खेलें तो खेलें कैसे ऐसे में ननिहाल डर के बीच अगर खेले भी तो क्या खेलें क्या ऐसे में क्या ऐसे में एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान पूरी होगी क्या ऐसे पुराने मैप से बच्चों की पढ़ाई होगी साफ तौर से देखा जा सकता है किस सरकार की तमाम योजनाओं को सरकारी नुमाइंदे ही पलीता लगाएं तो कौन क्या कर सकता है हैरानी की बात है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता को लेकर अनेकों अभियान चला रहे हैं लाखों करोड़ों रुपया खर्च कर रहे हैं लेकिन शिक्षा की मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में खेल के मैदानों में जो अव्यवस्था फैली हुई है या गंदगी फैली हुई है उस पर सफाई कब होगी|

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