November 30, 2021
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खबर का असर: कोतबा अस्पताल चिकित्सक पर गिर सकती है गाज , महीनों से खत्म जीवनरक्षक दवाई,सामग्री आनन फानन में भेजा गया

हरित छत्तीसगढ़ में खबर प्रकाशित होते ही प्रसाशन हलचल में ,, रात को दो बजे तक एसडीएम,बीएमओ,सीईओ,थानेदार अस्पताल में मौजूद,,सुबह मिली अच्छी खबर महीनों से खत्म दवाईया व जीवनरक्षक सामग्री उपलब्ध हुई,,चिकित्सक पर गिर सकती है गाज

हरित छत्तीसगढ़ जशपुर।कोतबा

सोमवार की रात्री कोतबा नगर में शृद्धालुओं की दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में समुचित इलाज नही होने की खबर हरित छत्तीसगढ़ में प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमला हलचल में आ गया। खबर वायरल होते ही पत्थलगांव एसडीएम प्रताप विजय खेस,बीएमओ डॉ जेम्स मिंज,जनपद सीईओ भजन साय, बागबहार थाना प्रभारी राजेश मरई समेत अन्य प्रशासनिक अमला कोतबा पहुंच कर पीड़ित लोगों से मुलाकात कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया । मजे की बात यह रही कि प्रशासन अमले की ततपरता के बावजूद मौके पर कही भी कोतबा चिकित्सक शकुंतला निकुंज नही दिखी,

बताया जाता है कि जब तक प्रसाशनिक अधिकारी कोतबा पहुंचे तब तक गम्भीर रूप से घायल दो लोगो को लैलूंगा अस्पताल रैफर कर दिया गया था वही अन्य घायलों को उपचार के उपरांत घर भेज दिया गया था, इस मामले में मौके पर पहुंचे प्रसाशनिक अधिकारियो के समक्ष नागरिको ने कोतबा स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल हालत को लेकर जमकर आक्रोश भी जताया। बहरहाल खबर का सुखद पहलू यह था कि महीनों से चिकित्सीय सामग्री की कमी झेल रहे कोतबा स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार की सुबह ही भरपूर मात्रा में सामग्री उपलब्ध हो गया वही नगरवासियो द्वारा यहां पदस्थ चिकित्सक के मौके पर नही रहने की वजह से अप्रिय स्थिति निर्मित होने और हमेशा से ही चिकित्सक की मनमानी रवैये की शिकायत पर पत्थलगांव एसडीएम ने गम्भीरता से लेते हुए उचित कारवाई का आश्ववासन दिया। सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद से कोतबा क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य को लेकर लोग आक्रोशित हो गए थे वही खबर प्रकाशित होने के बाद से ही जिला कलेक्टर ने तत्काल पहल करते हुए अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर स्थिति सम्भालने भेजा साथ ही इस मामले में जांच प्रतिवेदन के निर्देश दिए भोर तड़के घटना स्थल से मुख्यालय पहुंचे एसडीएम ने पूरे मामले में सम्बंधित चिकित्सक की लापरवाही को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रतिवेदन में भी चिकित्सक की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए है। गौरतलब हो कि आसपास लगभग 67 गांव के सबसे नजदीकी ओर महत्वपूर्ण अस्पताल में 24 घण्टे आपातकाल सुविधा नही होने एवं जीवनरक्षक सामग्री भी नही होने की वजह से महज कम्पाउंडर ओर सिस्टर के भरोसे संचालित अस्पताल का भगवान ही मालिक है। बहरहाल हरित छत्तीसगढ़ में प्रकाशित खबर सुर्खियों में आते ही अब लापरवाह चिकित्सक पर कारवाई की संभावना तो बढ़ ही गयी है वही आनन फानन ही सही अस्पताल को सामग्री भी उपलब्ध हो गयी है।यही वजह है कि स्थानीय लोगो में स्वास्थ्य केन्द्र में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर जमकर नाराजगी देखी जा सकती है जिम्मेदार डाक्टर शकुंतला निकुंज के अधिकांश समय अस्पताल में नहीं रहने से लोग भड़के हुए है। लोगों का कहना था कि यहां आपातकालीन में 24 घंटे सेवा उपलब्ध होने के बावजूद भी यहां के जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा अपने कार्य के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जबकि कोतबा स्वास्थ्य केन्द्र में 67 गांव के करीब 80 हजार लोग उपचार के लिए आश्रित हैं। लेकिन डाक्टर की मनमानी और अधिकतर अपने निजी कार्य से गायब होने के कारण मरीजों को छोटी बिमारियों के लिए भी लंबी दूरी तय कर दूसरे स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
विदित हो की घटना वाले दिन बाईक सवार कोतबा निवासी सोहन साहू अपनी पत्नी रजनी साहू एवं तीन बच्चों के साथ दुर्गा पंडाल से अपने घर वापस जाने के दौरान सामने जा रहे सायकल सवार को ठोकर मार दी। जिससे बाईक में सवार और सायकल सवार दोनों ही सड़क पर गिर गए वही बगल में चल रहे कुछ शृद्धालु भी उनकी चपेट में आकर घायल हो गए।घायल सोहन साहू उम्र व उसकी छोटी बेटी तान्या साहू को सिर चेहरा सहित हाथ पैर में गंभीर चोट लगी है। वहीं रजनी साहू , तुषार साहू , भावेश साहू एवं सायकल सवार संतोष श्रीवास उम्र , कमलेश्वर श्रीवास एवं नरेन्द्र साहू को नागरिको ने कोतबा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहा चिकित्सक नही मिलने पर कुछ लोग आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे वही घटना की जानकारी जैसे ही अन्य लोगों को मिली और लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच गय जिससे वहां काफी भीड़ हो गयी।

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