November 29, 2021
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पलक झपकते ही दूध की मिलावट का पता लगाएगी ये मशीन, राष्ट्रपति कोविंद ने किया लॉन्च

नई दिल्ली।। दूध में मिलावट की जांच के लिए वैज्ञानिकों की ओर से तैयार क्षीर टेस्टर को  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देश को समर्पित किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को दूध की शुद्धता मापने के लिए सस्ती डिवाइस लॉन्च की है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति घर बैठे दूध में मिलावट का पता लगा सकता है। इसे काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ने बनाया है।
इस डिवाइस का नाम क्षीर टेस्टर रखा गया है, जो महज एक बटन दबाने से दूध में यूरिया, डिटर्जेंट, साबुन, सोडा, बोरिक एसिड और हाइड्रोजन पैराक्साइड जैसे तत्वों की जानकारी दे देगा। क्षीर टेस्टर को आम लोगों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत 5 हजार रुपये से भी कम बताई जा रही है। डिवाइज केवल 60 सेकेंड में परिणाम देता है। बता दें कि राष्ट्रपति काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च रजत जयंती वर्षगांठ मना रही है। समारोह के बाद देशभर से आए वैज्ञानिकों से राष्ट्रपति ने कहा कि शोध लोगों की मूल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शोध के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग होते रहने चाहिए। इस मौके पर उन्होंने स्टार्ट अप इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया आदि का भी जिक्र किया। दिल्ली में देश के सबसे बड़े अनुसंधान संस्थान सीएसआईआर के 75वें स्थापना दिवस पर विज्ञान भवन में यह समारोह होगा। टीम की ओर से बनाए गए क्षीर स्कैनर को फिलहाल देश की विभिन्न डेयरियों में काम में लिया जा रहा है। अब दूध में मिलावट की ऑन स्पॉट जांच के लिए इसका छोटा रूप क्षीर टेस्टर तैयार किया गया है।

पिलानी स्थित सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीईईआरआई-सीरी) की लेबोरेट्री में 2006 से डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित प्रोजेक्ट “”इलेक्ट्रॉनिक टंग’ पर अनुसंधान शुरू हुआ। मकसद यह जांच करना था कि हम जो खाते-पीते हैं वे चीजें हमारे स्वास्थ्य के लिए गुणवत्ता पर खरी हैं या नहीं। सीरी के वैज्ञानिक डॉ. पीसी पंचारिया के निर्देशन में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि हमारी बायोलॉजीकल टंग (जीभ) विभिन्न तरह के स्वाद का पता लगा सकती है। हूबहू उन्हीं स्वाद को वैसा ही टेस्ट करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक जीभ ईजाद की गई जो शराब, फ्रूट जूस आदि पेय पदार्थों के स्वाद की टेस्टिंग में सौ फीसदी खरी उतरी।

अनुसंधान के परिणाम उम्मीद से बढ़ कर रहे तो हमारे वैज्ञानिकों का उत्साह दुगुना हो गया और एक क्षीर स्कैनर (दूध मिलावट की जांच का उपकरण) तैयार कर दिया। यह क्षीर स्कैनर फिलहाल देश में विभिन्न स्थानों पर 350 डेयरियों पर दूध में मिलावट इसकी गुणवत्ता जांचने में काम रहा है। करीब दो साल के अनुसंधान के बाद सीरी पिलानी में डॉ. पंचारिया के निर्देशन में ही उनकी टीम ने क्षीर स्कैनर काे छोटे रूप में तैयार किया है। यह मशीन ऑन स्पॉट जांच कर बताएगी कि दूध में मिलावट है या नहीं।

आपके घर दूधिया जो दूध देकर गया है उसमें मिलावट तो नहीं है। आपका बच्चा जो दूध पी रहा है, उससे उसके स्वास्थ्य को कोई खतरा तो नहीं है इसकी जांच के लिए सीरी पिलानी के वैज्ञानिकों ने एक उपकरण ईजाद किया है। इसकी कीमत बजट के अनुसार हो इसका पूरा ध्यान रखा गया है ताकि आप यह मशीन अपने घर में रख सकें। महज एक मिनट में यह मशीन अपने स्क्रीन पर दूध की कुंडली सामने रख देगी। आमजन से जुड़ी इस तकनीक को ईजाद करने वाली टीम को भारी सराहना मिल रही है।

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