July 25, 2021
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नवरात्र में छत्तीसगढ़ के सेल्फी डेंजर जोन माँ गढ़वतिया देवी धाम नही देखा तो क्या देखा

हरित छत्तीसगढ़ पप्पू जायसवाल सूरजपुर

मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बीच भी भारी संख्या में माता दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
सूरजपुर जिले के दुरांचल क्षेत्र चांदनी बिहारपुर के ग्राम महोली में मां गढ़वतिया देवी धाम में शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ प्रतिदिन उमड़ रही है यहां उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश झारखंड से भारी संख्या में दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं प्रतिवर्ष यहां चैत्र नवरात्र व शारदीय नवरात्र में मेला लगता है श्रद्धालुओं की आस्था है कि यहां जो भी भक्त माता के दरबार में आता है उन सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं भक्त श्रद्धा से नारियल चुनरी चढ़ाते हैं यहां गढ़वतिया में पूरे पहाड़ में प्राचीन मूर्तियों का भंडार है लेकिन संरक्षण के अभाव में बहुत सारी मूर्तियां टूट चुकी हैं वह अस्त-व्यस्त बिखरी हुई हैं ग्रामीणों ने कलेक्टर से मूर्तियों की संरक्षण व मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करवाने की मांग की है दर्शनीय स्थल होने के बावजूद भी अभी तक प्रशासन द्वारा ना तो बिजली की व्यवस्था की गई है और नहीं पानी की कोई व्यवस्था है और पहाड़ी पर दुर्गम चढ़ाई चढ़ने के लिए सीडियो तक की व्यवस्था नहीं है ग्रामीणों ने कलेक्टर से मंदीर को दर्शनीय स्थल के रूप में घोषित करने की मांग की है व मूर्तियों को संरक्षण हेतु पुरातत्व विभाग को सौंपने की मांग की है

*माँअष्टभुजी धाम में लगा भक्तो का ताता* सूरजपुर जिले के वनांचल छेत्र चांदनी बिहारपुर के ग्राम महुली में शारदीय नवरात्र के पावन पर्व में मां अष्टभुजी के आंगन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ प्रतिदिन उमड़ रही है।यहाँ उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश व झारखंड से भारी संख्या में भक्त पहुंच कर माता के दरबार मे हाजरी लगा रहे है।गढ़वतिया धाम के मुख्य पुजारी सोमारसाय व जगमोहन ने बताया कि यहाँ जो भी दर्शन को आते हैं माता उनकी मनोकामना पूर्ण करती है। माता के भक्त श्रद्धा सुमन से जो भी अर्पण करते है माता उनकी मनोकामना जरुर पूर्ण करती है। इस धाम का आकर्षण का केंद्र यह है कि यहाँ प्राचीन मूर्तियों का विसाल भंडार है। परन्तु प्राचीन मुर्तिया संरक्षण के अभाव में टूटे पड़े हैं अस्त-व्यस्त बिखरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से माता के धाम में मूलभूत सुविधाओं की व्ययस्था करवाने की मांग की है। पुरातत्व विभाग से भी मूर्ति संरक्षण की अपील की गई है।माँ अष्टभुजी धाम में भक्तो की भीड़ हमेशा रहती है लेकिन सुविधाओं के अभाव में दर्शनार्थियों को पहुंचने में अनेक कठिनाइयों सामना करना पड़ता है। यह मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी लाइट सीढ़ी की अव्यवस्था साफ दिखाई देती है।

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