August 3, 2021
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पत्थलगांव के इन गांवों का कायाकल्प कहीं जिला बनाने की कवायद तो नही

हरित छत्तीसगढ़ विवेक तिवारी।

पत्थलगांव शहरी सीमा से सटे गावो के मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए उनमें शहरों जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन योजना के तहत करोड़ों रूपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें ग्राम पंचायत तिलडेगा ,इंजकों, गोढ़ीकला, दिवानपुर, पतरापाली, पालीडिह को शामिल किया गया है। सभी ग्राम पंचायतों को स्मार्ट गांव बनाकर उसमें शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आने वाले सालों में यहां करोड़ों रु. के विकास कार्य कराये जायेंगे। गौरतलब हो कि ये सभी वहीं ग्राम पंचायत है जिनका भविष्य मे पत्थलगांव नगर मे समायोजन होना प्रस्तावित है साथ पत्थलगांव जिला बनने पर जिले के क्षेत्रफल मे शासकीय प्रायोजन हेतु वैकल्पिक व उपयुक्त है। पत्थलगांव से सटकर लगे इन गांवों मे होने जा रहे विकास कार्यो से जहा ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा  वहीं पत्थलगांव के जिला बनने की बहुप्रतिक्षित मांग के भी पूरा होने के आसार जग जाएगें।

माना जा रहा है कि पत्थलगांव से सटे हुए इन ग्रामों के शहरीकरण हो जाने के बाद पत्थलगांव शहरी सीमा और स्मार्ट ग्रामों की सीमा मे कोई खास बदलाव नही रहेगा शहर सुविधाओं से चकाचौंध होकर सभी गांव पत्थलगांव शहर की शोभा बढ़ाएगें साथ ही भविष्य मे पत्थलगांव नगर सीमा मे शामिल होकर नगर पालिका बनकर जिला बनने की ओर अग्रसर करेगें। इस योजना के तहत प्रत्येक गांव को शहरों वाली सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र इसके अलावा वहां कौशल विकास की व्यवस्था की जाएगी। इन गांवों को क्लस्टर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। वहीं गांव को स्मार्ट गांव में बदलकर स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार प्रदान करना,महानगरों की ओर पलायन रोकना और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास की गति को बढ़ावा देना है। बहरहाल पत्थलगांव शहर से सटे गावों को शहर की तर्ज पर विकसीत किए जाने से पत्थलगांव का आर्थिक महत्व तो बढ़ेगा ही साथ ही आगामी दिनों मे जब उदयपुर जिला बनेगा तो पत्थलगावं को जिला मुख्यालय बनाने मे यही विकसीत गांव अपनी महत्वपूर्ण भुमिका निभाते नजर आऐंगे।

 

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