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नई दिल्ली। इस बार चीन के सामान का कारोबार करने वालों की दिवाली फीकी रह सकती है। एक सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल चीनी वस्तुओं की बिक्री घटकर आधी हो सकती है। चीनी लड़ियों, दीयों और वॉल हैंगिंग की तुलना में इस बार लोग स्थानीय स्तर पर बनने वाले मिट्टी के दीयों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। चीन की वस्तुओं की बिक्री में पिछली दिवाली पर भी गिरावट आई थी। एक साल पहले की तुलना में पिछले साल इन वस्तुओं की बिक्री 30 फीसद तक गिरी थी।

इस सर्वेक्षण को एसोचैम-सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन ने अंजाम दिया है। इसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, देहरादून, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ और मुंबई के थोक व खुदरा व्यापारियों को शामिल किया गया। एसोचैम ने कहा, ‘इस दिवाली चीनी सामानों की बिक्री 40 से 45 फीसद कम रह सकती है। चीन के उत्पादों में फैंसी लडि़यां, दीये, लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति, रंगोली और पटाखे शामिल हैं। अनुमान है कि इस बार लोग चीनी उत्पादों की तुलना में भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता पर रख रहे हैं।’

सर्वेक्षण के अनुसार एलसीडी, मोबाइल फोन और चीन में बने अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मांग में भी 15 से 20 फीसद की कमी आई है। इस सर्वे में भाग लेने वाले दुकानदारों ने कहा कि ज्यादातर उपभोक्ता अब भारतीय उत्पादों की मांग करते हैं। लोग भारतीय उत्पादकों तैयार लडि़यां और मिट्टी के दीये ले रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक 2016 में कुल 6,500 करोड़ रुपये के चीनी उत्पाद बिके थे। इनमें से 4,000 करोड़ रुपये के खिलौने, फैंसी लडि़यां, गिफ्ट के सामान और सजावट की वस्तुएं बेची गई थीं।
खबर स्त्रोत दैनिक जागरण

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