Sharing is caring!

 

add-

cd jawilars

 

 

लोक निर्माण विभाग की लापरवाही, निर्माण के समय में नही दिया जाता गुणवत्ता पर ध्यान, सरकारी पैसे का कर रहे दुरुपयोग

हरितछत्तीसगढ़-विवेक तिवारी
पत्थलगांव। जशपुर जिले के पत्थलगांव में सरकारी राशि की बर्बादी चरम पर है या यूं कहें सरकारी तंत्र की उदासीनता सातवे आसमान पर है। इसका जीता जागता उदाहरण शासकीय महाविद्यालय पर बने कन्या छात्रावास को देख सकते है। जो कि लाखों की लागत से बना है और खण्डहर बना पड़ा है। वहीं पषु चिकित्सालय परिसर में बने भवन को उदाहरण के तौर पर ले सकते है। ये भवन गुणवत्ताहीन होने के कारण उसे संबंधित विभाग के द्वारा हैण्डओवर नही लिया गया है। पषु विभाग के पषु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ ग्राम खण्ड डॉ बी. पी. भगत का कहना है कि लोकनिर्माण विभाग के द्वारा टेंडर निकाल 2012 में यह आवासीय भवन ठेकेदार के द्वारा बना तो दिया पर बनने के बाद पहली बारिष में छत से पानी सीपेजिंग, फर्ष का उखड़ना शुरु हो गया, दिवार क्रेक एवं कई तरह की खामियां हैं जिसकी वजह से यहां कोई रहने को तैयार नही होता है। ऐसे में इसको आम आदमी के पैसे का दुरुपयोग कहा जा सकता है। लाखों रुपयों की लागत से बने ऐसे कई भवन हैं जो देखरेख के अभाव में अपनी खस्ता हाल या फिर खण्डहर बनने को मजबुर है। लाखों की लागत से बने ऐसे भवनों से केवल और केवल ठेकेदार एवं विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को ही इसका फायदा होता है और अपनी जेबें गरम कर लिया जाता है। लगता है मानो भवन बना भुल गये और उपयोग आने पर फिर उसके मरम्मत पर लाखों रुपये का बंदरबांट किया जाता है। इन सब को देखते हुये आम नागरिकों में सबसे पहले ये सवाल उठता यह है कि सरकार के द्वारा आम नागरिकों से टैक्स वसूल कर आम जनों के हित के लिये ऐसे भवन या फिर अन्य कार्यों पर खचं किये जाते है। पर जो किसी काम के नही उसके बाद भी बनवाया जाता है और उसे खण्डहर के रुप में तब्दील होने में समय भी नही लगता है। जो भी हो लाखों के भवन सालों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इन भवनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है, यदि ऐसे भवनों की जरुरत नही तो आखिर क्यों बनवाया जाता है, जिसकी वजह से सरकारी राशि का सही से उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे हो रहे शासकीय राषि के बर्बादी का जिम्मेदार किसे माने यह सबसे बड़ा सवाल है। भवन बनने के बाद अब ऐसे भवन अब धीरे-धीरे कर खंडहर में तब्दील हो रहे हैं, भवनों का उपयोग नहीं होने से यहां पर असामाजिक तत्वों का अड्डा जमने लगा है।

खंडहर हुआ छात्रावास भवन
ठाकुर शोभासिंह महाविद्यालय में छात्रावास निर्माण के बाद से ही भवन सुध नहीं लेने के कारण छात्रावास पुरी तरह से जर्जर हो गया है, इस छात्रावास की दीवारें और छत कई जगह से टूट चुकी है। खिड़की दरवाजे तक सब चोरी हो गए, उपयोगिता नहीं होने के कारण लोग इस छात्रावास को शौचालय और मयखाना के रूप मे उपयोग कर रहे है। शराबियों समेत असमाजिक तत्वों का भी यह अड्डा बन गया है इसके अलावा जर्जर अवस्था में भवन किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहा है। गौरतलब हो कि युजीसी मद से बना शहर का एकमात्र शासकीय कालेज ठाकुर शोभा सिंह महाविद्यालय कुछ वर्ष पूर्व लाखों का छात्रावास भवन का कोई उपयोग नही रह गया है। गुणवत्ताहीन निर्माण होने के बाद से ही जर्जर स्थिति मे आ चुके छात्रावास भवन मे अभी तक एक भी छात्रा को नही रखा गया है।

Sharing is caring!