Sharing is caring!

नगर के साप्ताहिक बाजार में अव्यवस्था के कारण वाहनों के आने जाने में होती है समस्या, कई घंटो तक लगा रहता है जाम

हरितछत्तीसगढ़-विवेक तिवारी / संजय तिवारी

पत्थलगांव। पत्थलगांव नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में अव्यवस्था के कारण वाहनों को आने जाने में समस्या उत्पन्न हो जाती है जिससे वहां घंटो जाम की स्थिति बन जाती है। और आम जनों एवं एम्बुलेंस जैसे ईमरजेंसी वाहनों को वहां से पार होने में कॉफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं पुलिस के द्वारा यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने पुलिस की टीम बढ़ाने की बात करते नजर आते है, उसके बाद भी बाजार के दिन समस्या कम नही हो पाती। वहीं आम जनों के द्वारा भी समस्या को बढ़ाने में कोई कमी नही की जाती, बाजार में इर्द गिर्द दुपहिया व चार पहिया वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। कभी-कभी पुलिस भी जाम में फंस इस समस्या को दुर करनें में बेबस नजर आती है।
विदित हो कि नगर के तीनों मुख्य मार्गों के साथ-साथ साप्ताहिक बाजार भी समस्याओं का पर्याय बन चुका है। ज्यादा कमाने की होड़ में सड़कों तक अपना सामान पसराये हूये रहते हैं। इसे आमजनों की मनमानी कहें या यातायात को सम्हालने वाले की नाकामयाबी, इसके चलते आवागमन बाधित होती है। वहीं इससे नगर की यातायात को सम्हालने वाली पुलिस अनजान बनी हुई है। ऐसा नही कि कोई भी अधिकारी इससे रुबरु नही उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। कई मर्तबा देखा गया कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस व अग्निशमन भी यहां इसके चपेट में आ जाते हैं और अपने गनतव्य तक पहुंचने में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासीयों का कहना है कि समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होते जा रही है, अत्यधिक भीड़भाड़ से आपराधिक घटना भी होती रहती है। वहीं लोगों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा इस मामले पर गंभीरता से विचार नही किया गया तो कॉफी समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है।
दिला सकते है निजात पर कार्रवाई करे कौन
जाम लगने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। यदि पुलिस यहां कार्रवाई शुरू कर दे तो जाम की स्थिति पैदा नहीं होगी। स्थानीय प्रशासन के द्वारा कार्रवाई को लेकर अनदेखी की जा रही है। जाम की स्थिति को देखते लगता है कि प्रशासन जब तक सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक इनकी मनमानी इसी तरह से चलती रहेगी।

पुलिस केवल दिखावे की ही ड्यूटी करतें नजर आती है, कभी कभी चालानी कार्रवाई कर अपना इतिश्री समझती है। जब तक बाजार के यातायात पुलिस ड्यूटी नहीं देगी तो यहां की यातायात व्यवस्था कैसे सुगम होगी। जबकि कायदे से जवानों को शहर के जिस मार्ग पर ज्यादा जाम लगता है, वहां ड्यूटी देना चाहिए। वहीं कई बार देखा गया है कि पुलिसकर्मियों को चालान की राशि देकर वाहन चालक बरी हो जाता है और फिर बीच रास्ते में वाहन खड़े करने जैसी गलती दोहराता है। ऐसे में यातायात पुलिस को चालानी कार्रवाई के साथ वाहनों को जब्ती की कार्रवाई भी करना चाहिए। तभी लोगों में पुलिस का भय होगा और लोग अपने वाहन सही तरीके से खड़े करेंगे।

harit

 

Sharing is caring!