September 25, 2021
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घायल गायों को अस्पताल पहुंचाने 10 जिलों में जल्द शुरू होगी एम्बुलेंस सेवा : रमन

मुख्यमंत्री ने की घोषणा: गौशालाओं के लिए शुरू होगी पुरस्कार योजना
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने घोषणा की है कि, राज्य में विभिन्न हादसों में घायल गायों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दस जिलों में एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी और 10 सबसे अच्छी गौशालाओं का चयन कर उन्हें दस-दस लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुरस्कार योजना गौसेवा आयोग के जरिए इस वर्ष से संचालित की जाएगी। डॉ. सिंह आज शाम यहां छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग की ओर से गौ-आधारित जैविक कृषि और ग्राम विषय पर राज्य स्तरीय व्याख्यानमाला के समापन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। यह एक दिवसीय आयोजन पं. रविशंकर शुक्ल के सभागृह में किया गया।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, गौसेवा में ग्रामीणों की भागीदारी के कारण छत्तीसगढ़ में गोवंश की सघनता देश में सबसे ज्यादा है। राज्य में लगभग 90 लाख गौवंशीय पशु हैं। मुख्यमंत्री ने देश में खेती के मशीनीकरण की वजह से देश में गौवंश आधारित अर्थव्यवस्था के प्रति लोगों का रूझान कम होने पर चिन्ता व्यक्त की। जैविक खेती और गोबर गैस के इस्तेमाल से गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सकता है। गोमूत्र और गोबर से बंजर जमीन भी उपजाऊ बन जाती है। पंचगव्य की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए इसे बेहतर ब्रांडिंग एवं वैज्ञानिक प्रमाणिकता के साथ बाजार में उतारना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गौसेवा आयोग की ओर से गौशालाओं का निरीक्षण कर वहां पानी, छाया, चारा की व्यवस्था का अवलोकन किया जाएगा। कामधेनु विश्वविद्यालय की ओर से पंचगव्य के उपयोग के संबंध में शोध किया जाएगा। हमें गौशालाओं को और बेहतर का प्रयास करना चाहिए। गायों को पशुपालक सड़कों में खुले नहीं छोड़े इसके लिए उन्हें समझाया जाना चाहिए। गौसेवा से घर के वातावरण में परिवर्तन आता है। मेरी दिनचर्या की शुरूआत अपने निवास में गायों और बछड़ों के साथ आधा घण्टा बिताकर होती है। जब मैं सुबह पैदल भ्रमण करता हूं तो गायों के छोटे बछड़ों को खुला छोड़ देता हूं। बछड़ों को देखकर नयी ऊर्जा और ताजगी मिलती है।
संसदीय सचिव तोखन साहू, राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल सहित बिसरा राम यादव ने भी लोगों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर गौसेवा आयोग के सदस्य दीनदयाल यादव, कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय सिंह, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मिश्रा, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष राधाकृष्ण गुप्ता और प्रमुख वक्ता के.ई.एन. राघवन उपस्थित थे। व्याख्यान माला में प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं के सदस्यों एवं गौसेवा से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

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