July 25, 2021
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घटिया निर्माण कार्य पर दर्जनों नगर निकायों को नगरीय प्रशासन ने भेजा नोटिस घटिया सड़कें व नालियां, सरकार की जांच में खुलासा

रायपुर
नगरीय निकायों में नई सड़कों और नालियों का घटिया निर्माण हो रहा है, यह खुलासा सरकार इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर की जांच में हुआ है। नई दुनिया मे प्रकाशित खबर के मुताबिक नगरीय निकायों में नई सड़कों और नालियों का घटिया निर्माण हो रहा है, यह खुलासा सरकार इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर की जांच में हुआ है। निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्रियां मानक से कमजोर पाई गई हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अभी तक जितने निकायों की रिपोर्ट आ गई है, उनके सीएमओ (चीफ म्यूनिसिपल ऑफिसर) और जिम्मेदार इंजीनियर को नोटिस भेजकर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
168 नगरीय निकायों में बनने वाली कांक्रीट व डामर की सड़कों और नालियों के निर्माण में गड़बड़ी हो रही है, ऐसी शिकायतें लगातार विभागीय मंत्री अमर अग्रवाल तक पहुंच रहीं थीं। मंत्री ने निकाय के अधिकारियों और ठेकेदारों की गड़बड़ी को पकड़ने के लिए स्पेशल मोबाइल यूनिट बनाई। यह यूनिट सभी निकायों में जाती है और निर्माण का कुछ हिस्सा काटकर नमूना लेती है। उस नमूने को सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में भेजा जाता है। यूनिट ने पहले नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को राडार में लिया है।

दर्जनभर से अधिक निकायों के अलग-अलग वार्ड में बनने वाली सीसी रोड (कांक्रीट की रोड) और नालियों का सैम्पल भेजा गया था। इंजीनियरिंग कॉलेज के विशेषज्ञों ने पाया कि निकाय के अधिकारियों और ठेकेदार ने जिस ग्रेड की गिट्टी और सीमेंट का उपयोग करना बताया, वह मानक से कमजोर है। जैसे-जैसे रिपोर्ट नगरीय प्रशासन विभाग को मिल रही है, वैसे-वैसे निकायों के जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस भेजने का सिलसिला जारी है।
घटिया निर्माण से नुकसान
घटिया मटेरियल का उपयोग करने पर सड़क जल्दी उखड़ जाती है। खासकर बारिश में सीमेंट बह जाता और गिट्टियां उखड़कर फैल जाती हैं। उसके बाद सड़क पर गड्ढे हो जाते हैं। ऐसे ही नाली में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है तो वह जल्दी धसक जाती है। इसके बाद दोबारा निर्माण कराना होता है या फिर, मरम्मत भी कराया तो उसमें भी बेकार खर्च होता है। नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति वैसे ही खराब है।
निकायों को नोटिस, मांगा जवाब
नगर पंचायत पलारी, नगर पंचायत आमदी, नगर पंचायत बिलाईगढ़, नगर पालिका गरियाबंद, नगर पंचायत राजिम, नगर पंचायत सरायपाली, नगर पालिका कर्वा, नगर पंचायत अर्जुंदा, नगर पंचायत छुईखदान, नगर पालिका अहिवारा, नगर पंचायत प्रतापपुर, नगर पंचायत नगरी
अधिकारी और ठेकेदारों दोनों पर कार्रवाई होगी
मानक से कम स्तर की सामग्री लगाकर निर्माण कराया जाना गंभीर मामला है। यह सरकारी पैसे का दुस्र्पयोग है। इस कारण जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार दोनों पर कार्रवाई की जाएगी। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी और ठेकेदार का पेमेंट रोककर उसे ब्लैक लिस्टेड भी किया जा सकता है – अमर अग्रवाल मंत्री, नगरीय प्रशासन

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