November 29, 2021
Breaking News

केंद्रीय टीम का गोपनीय सर्वे, भाजपा की स्थिति खराब,, मंत्री समेत कई विधायकों की कटेगी टिकट,30 फिसदी नए टिकट भाजयुमो व महिलाओं को

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर
भाजपा केंद्रीय संगठन के समक्ष मंडल स्तर पर गुटबाजी की बात सामने आने के बाद विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा केंद्रीय संगठन ने प्रदेश मे गोपनीय सर्वेक्षण किया जिसके बाद आए रिर्पोट भाजपा के कई दिग्गजों समेत टिकट के दावेदारों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। रिर्पोट मे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मिशन 65 तक पहुंचने के लिए भाजपा के आधे से ज्यादा कमजोर परफॉर्मेंस वाले विधायकों का टिकट काटे जाने और कई विधानसभा क्षेत्रों मे भाजयुमो से युवा व नया चेहरा सामने लाने की सिजरिश किए जाने की खबर है। माना जा रहा है कि कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में 90 में से 50 सीटों पर पार्टी को नए उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू हो गई है इन नए उम्मीदवारों में 30 फीसदी महिला और 30 फीसदी युवा को टिकट दिया जा सकता है। इसलिए भाजपा केंद्रीय संगठन ने गोपनीय सर्वे के बाद क्षेत्र में सक्रियता, छवि और संगठन में कामकाज के अनुभव के आधार परयुवाओं और महिलाओं की अलग रिपोर्ट तैयार की है। सुत्रो के मुताबिक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा केंद्रीय संगठन ने छत्तीगसढ़ प्रदेश की सभी 90 विधानसभा का सितंबर और अक्टूबर के पहले सप्ताह में विधानसभावार गोपनीय दौरा किया। जिसमे अगर अभी चुनाव हो तो प्रदेश में भाजपा की सरकार तो बन जाने की बात तो सामने आई लेकिन मिशन 65 तक पहुंचने के लिए कई सिटों पर पुराने चेहरों को हटाकर नया चेहरा जिसमे 30 फीसदी महिला और 30 फीसदी युवा शामिल करने की सिफारिश की गई है। गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ मे विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि रमन सिंग अपने राज्य की कमान संभाले रहेंगे और इनके नेतृत्व में ही चुनाव होगा।

कांग्रेस जहां भाजपा के विजय रथ को रोकना चाहती है, तो वहीं भाजपा अपनी पारी में जीत तय करने अपनी टीम को मजबूत करने अभी से लग गई है। जाहिर है जोगी के तीसरी शक्ति के रूप में उभरने से भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए आगे की डगर आसान नहीं है। इस बार भाजपा केंद्रीय संगठन ने प्रदेश मे गोपनीय सर्वेक्षण कर नेताओं की मौजूदा छवि और उनके द्वारा किये गए काम काज को आधार बनाया जिसमे कई सिटांे पर पुराने चेहरे हटाकर नए चेहरे को टिकट देने की सिफारिश ने कई दिग्गजों के लिए मशकिले खड़े कर दिए है। मतलब यह जरुरी नहीं की अगर नेता का नाम बड़ा है या वह विधायक या पूर्व विधायक रहा है तो उसकी दावेदारी पक्की है। इस बार परफोर्मेंस ही टिकट तय करेगा। यही वजह है कि भाजपा केंद्रीय संगठन ने प्रदेश मे गोपनीय सर्वेक्षण कर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाली सीट, कांटे की टक्कर वाली सीट और जीत की दौड़ से बाहर वाली सीट की रिपोर्ट तैयार की है। केंद्रीय नेताओं की रिपोर्ट ने प्रदेश के कई आला नेताओं और टिकट के दावेदारों की नींद उड़ा दी है। इस रिपोर्ट में प्रदेश के तीन से पांच मंत्रियों की स्थिति को भी कमजोर बताया गया है। चर्चा है कि कुछ मंत्री ऐसे भी है, जिनकी विधानसभा में विकास का काम होने के बावजूद चुनावी गणित में कमजोर पड़ रहे हैं। इन सीटों पर केंद्रीय संगठन की टीम अलग से फोकस कर नए चेहरे को उतार सकती है गौरतलब है कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 23 नए चेहरों को मैदान में उतारकर सत्ता की चाबी जनता से ली थी।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *