November 30, 2021
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राज्य बनने के पहले और बाद का भी इतिहास लिखा जाना चाहिए : रमन

रायपुर । छत्तीसगढ़ के इतिहास, महापुरूषों, जनजातियों, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर अकादमी की ओर से शुरु हुई पुस्तकों के प्रकाशन की श्रृंखला नई पीढ़ी के लिए ज्ञानवर्धक और काफी उपयोगी साबित होगी। ये बातें शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कही। उन्होंने निवास में छत्तीसगढ़ राज्य हिन्दी ग्रंथ अकादमी की ओर से प्रकाशित आठ दुर्लभ पुस्तकों का विमोचन किया।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ के इतिहास और महापुरूषों को जानने और समझने का और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढऩे का अवसर मिलेगा। नया राज्य बनने के पहले और नया राज्य बनने के बाद के छत्तीसगढ़ का इतिहास भी लिखा जाना चाहिए। अब तक जो लिखा गया है उसे भी नये स्वरूप में और भी अधिक अच्छे ढंग से प्रकाशित किया जाना चाहिए। इसके लिए छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी की ओर से अच्छी शुरूआत की गई है। राज्य के हर जिले का इतिहास लिखने के लिए छत्तीसगढ़ के स्थानीय इतिहासकारों और लेखकों का सहयोग लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हिन्दी गं्रथ अकादमी की ओर से प्रकाशित जिन पुस्तकों का विमोचन किया, उनमें सत्रहवीं सदी के कवि गोपाल मिश्र की कृति खूब तमाशा, रचनाकाल-(सन् 1689) का भी विमोचन किया, जिसका संपादन 83 वर्षीय साहित्यकार डॉ. शेषनारायण चंदेले ने किया है। मुख्यमंत्री ने समारोह में डॉ. चंदेले को विशेष रूप से सम्मानित किया। डॉ. सिंह ने इसके अलावा ब्रिटिशकालीन छत्तीसगढ़ हिन्दी गजेटियर भाग-एक और भाग-दो, पंडित सुंदरलाल शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर समग्र संकलन (संकलनकर्ता-डॉ. ऋषिराज पाण्डेय), ठाकुर प्यारेलाल के व्यक्तित्व और विचारों पर केन्द्रित पुस्तक (संपादक- आशीष सिंह), छत्तीसगढ़ की जनजातियां (लेखक- डॉ. टीके वैष्णव) पंडित दीनदयाल उपाध्याय व्यक्तित्व एवं कृतित्व (लेखक- डॉ. श्रीकांत सिंह) और पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार एवं दर्शन (लेखक- डॉ. श्रीकांत सिंह) शामिल हैं। विमोचन समारोह में राजनीति और साहित्य: समकालीन अतसबंध विषय पर व्याख्यान भी किया गया। मुख्य वक्ता की आसंदी से डॉ. रमन सिंह ने और अध्यक्षता करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अपनी बात रखी। विषयवस्तु पर लेखक डॉ. सुशील त्रिवेदी और वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
स्वागत भाषण अकादमी के संचालक शशांक शर्मा ने दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कैम्बो विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्मश्री सम्मानित डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय, वरिष्ठ इतिहासकार प्रो. रमेन्द्रनाथ मिश्र, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रो. एसके पाण्डेय, वरिष्ठ साहित्यकार तेजिन्दर सिंह गगन और संचालक जनसम्पर्क राजेश सुकुमार टोप्पो सहित अनेक स्थानीय साहित्यकार, पत्रकार और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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