September 25, 2021
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छत्तीसगढ़,अब दारू का मिलेगा पक्का बिल सेल्समेन देंगे शराब के साथ उसका बिल

छत्तीसगढ़,अब दारू का मिलेगा पक्का बिल सेल्समेन देंगे शराब के साथ उसका बिल
हरितछत्तीसगढ़ रायपुर। प्रदेश में आबकारी विभाग एक ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है जिसके बाद दवा की पर्ची की तरह ही दारू की पर्ची अनिवार्य हो जाएगी। माना जा रहा है कि 1 नवम्बर से सरकारी शराब दुकानों में ऐसी व्यवस्था हो जाएगी कि जैसे ही आपने शराब लिया सेल्समेन आपको उसी समय शराब का बिल थम देगा इस व्यवस्था कब बाद ओवर रेत केने जैसी शिकायत बिल्कुल समाप्त हो जाएगी । वही आप शराब दुकान से पूरे अधिकार के साथ शराब का रेट लिस्ट भी मांग सकेंगे। 1 नवंबर से काउंटर पर सेल्समेन को अनिवार्य रूप से पर्ची देनी होगी। अगर किसी तरह की शिकायत हुई सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व रेट लिस्ट के आभाव ओर बगैर मोनिटरिंग का फायदा उठाकर ओवर रेट शराब बेची जाने की शिकायत मिल रही थी। अब सरकारी शराब दुकानों में अवैध गतिविधियां रोकने के लिए प्रत्येक दुकान के काउंटर पर स्कैनिंग मशीन तय करते हुए मोनिटरिंग शुरू कर दी गईं है, मॉनिटरिंग का सिस्टम बन जाने से काफी हद तक इस शिकायत को समाप्त किया जा सकता है।साथ ही प्रशासन ने शराब ओवर रेट पर बेचने की शिकायत पर सीधे सेल्समैन को बर्खास्त करने की भी व्यवस्था कर दी है।अब दुकान में मौजूद सभी तरह के स्टॉक की स्कैनिंग होगी उसके बाद ही बिल के साथ उसे उपभोक्ताओं को दिए जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में अब शराब ओवर रेट पर बेचने की शिकायत पर सीधे सेल्समैन को बर्खास्त कर दिया जाएगा। 1 नवंबर से नई व्यवस्था के साथ आबकारी विभाग सख्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। अवैध गतिविधियां रोकने के लिए प्रत्येक दुकान के काउंटर पर स्कैनिंग मशीन तय कर दी है, जहां मदिरा प्रेमियों को निर्धारित मूल्यों पर ही शराब बेची जा सके।
विडम्बना तो देखिए बिल देने की व्यवस्था अभी तक थी ही नही
ताज्जुब है कि प्रदेश सरकार के राजस्व के इस सबसे बड़े जरिए में दुकानदार अब तक बिल ही नहीं देते थे, आबकारी ने एेसा कोई प्रावधान नहीं किया था। एक ओर जहां उपभोक्ता को नसीहत दी जाती है कि हर सामान को खरीदते वक्त बिल अवश्य लें, ताकि दुकानदार किसी प्रकार की बईमानी नहीं कर सके और टैक्स का भुगतान भी हो। साथ ही उपभोक्ता संरक्षण के हिसाब से भी बिल से ली गई सामग्री के बाद दावा किया जा सकता है कि उसमें मिलावट या नाप-तौल में कमी रही है, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़़े राजस्व के कारोबार आबकारी के साथ एेसा नहीं है। शराब की दुकानों पर मांगने पर भी बिल नहीं दिया जाता। दुकानदार कहता है कि एेसा कोई प्रावधान नहीं है। इसकी शिकायत अधिकारी से की जाती है तो उनका भी यही जवाब है कि दुकानदार सही कह रहा है, एेसा प्रावधान नहीं है।

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