September 24, 2021
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डिजिटलाइजेशन के विरोध में पटवारी संघ ने दिया धरना

रायपुर। छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मंगलवार को डिजिटलाइजेशन के विरोध में पटवारियों ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर धरना दिया, मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। पटवारी संघ के अध्यक्ष नीरज प्रसाद सिंह, संरक्षक संतोष त्रिपाठी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की ओर से भुंइया कार्यक्रम के तहत भू-अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। इसके संचालन के लिए समस्त राजस्व अभिलेखों के नकल के लिए डिजिटल साइन कर सत्यापित किया जा रहा है। यह कार्य एनआईसी की ओर से संचालित है। इस कार्य के लिए पटवारियों को जिला और तहसील में पर्याप्त सुविधा और संसाधन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसके लिए पर्याप्त नेट कनेक्टीविटी उपलब्ध नहीं होने और हमेशा तकनीकी कारणों से सर्वर डाउन होने से आम जनता पटवारी को दोषी मान रही है। वहीं पटवारी वर्ष 2007 में प्रदत्त पुराने कम्प्यूटर से कार्य करने मजबूर है, जिसमें कार्य की प्रगति व गति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कुछ जिलों व तहसील में इसके लिए पटवारियों को दोषी बताकर अधिकारी उन पर कार्रवाई निलंबन, वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी देने की कार्रवाई कर रहे है। इससे प्रदेश के कर्मचारी आक्रोशित है। सुकमा कलेक्टर की ओर से अधिनस्थ पटवारियों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने की शिकायत प्राप्त हो रही है। संघ पदाधिकारी मालिक राम यादव को इसका प्रतिकार करने पर कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। संघ इसकी निंदा करते हुए कलेक्टर के विरूद्ध कार्रवाई का मांग मुख्यमंत्री से की है। धरना प्रदर्शन में नोमेश्वर वर्मा, शिवकुमार साहू, मनीष साहू, काशीराम ध्रुव, दीपक राजपूत, मुरलीधर वर्मा, अजय ठाकुर आदि संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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