February 19, 2020
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गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी सह पोस्टर प्रदर्शन में जिले के शिक्षक हुए सम्मानित

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी सह पोस्टर प्रदर्शन में जिले के शिक्षक हुए सम्मानित


शमरोज खान सूरजपुर
*सूरजपुर* – गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी कोनी, बिलासपुर के रजत जयंती सभागार में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं सेंटर फॉर स्टडीज ऑन हॉलिस्टिक डेवलपमेंट रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य आतिथ्य पद्मश्री अवार्डी अरुण कुमार शर्मा सीनियर आर्कियोलॉजिस्ट द्वारा किया गया तो वहीं अध्यक्षता प्रोफेसर अंजिला गुप्ता वाइस चांसलर गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया तथा विशिष्ट आतिथ्य प्रोफेसर एस0 एन0 निगम, डॉ0 विवेक सक्सेना, डॉ0 ललित शर्मा, डॉ0 बी0आर0 साहू, डॉ0 हरिशंकर मिश्रा, डॉ0 राम विजय शर्मा, डॉ0 आनंद मूर्ति द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे स्वागत उद्बोधन डॉ0 पाणीग्राही द्वारा तथा आभार ब्यक्त डॉ0 सीमा पांडेय द्वारा किया गया।इस शोध सेमिनार में गौरवशाली दक्षिण कौशल का इतिहास, संस्कृति, सभ्यता एवं समाज विषय अंतर्गत शोधार्थियों द्वारा विभिन्न उप विषयों पर देश के विभिन्न राज्यों के 140 शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र का वाचन एवं 86 पोस्टरों को प्रदर्शित किया गया तो वहीं 196 शोधार्थियों द्वारा सभा में रजिस्ट्रेशन कराया गया। क्षेत्र के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय के प्रधान पाठक सीमांचल त्रिपाठी के नेतृत्व में जिले से श्रीमती प्रियंका सिंह सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक कन्या आश्रम शिवपुर, लुकेश्वर सिंह शिक्षक शासकीय माध्यमिक कन्या आश्रम शिवपुर तथा नंदकुमार सिंह शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला दवना के द्वारा पोस्टर प्रदर्शन कर शोध पत्र वाचन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के शोधार्थियों के पोस्टर को प्रशंसा मिली व मंचासीन अतिथियों द्वारा जिले के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सीमांचल त्रिपाठी से हमारे संवाददाता की बातचीत में आपने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य जिला कलेक्टर दीपक सोनी जी की मंशा अनुरूप जिले मे शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन की दिशा में कार्य करना है और इसी दिशा में कार्य करते हुए उनके द्वारा शिक्षकों को पढ़ने हेतु प्रेरित करना, शिक्षकों को बच्चों के लिए समय देना, उनकी किताबों को पढ़कर- अध्ययन कर सरल भाषा में उन्हें समझ बना पाने में सहयोग देना जैसे कार्य रहे हैं। शोध पत्र के पठन हेतु लेखन के लिए विभिन्न तथ्यात्मक जानकारी को किताबो एवं इंटरनेट से एकत्र करना एवं पोस्टर प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन में कार्य करने हेतु प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में शिक्षक पाठ्यवस्तु को पढ़कर समझ बनाकर बच्चों को सीखने में सहयोग कर सकें। जिले के शिक्षकों की इस उपलब्धि पर साथी शिक्षकों में हर्ष है।

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