November 15, 2019
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सीजी टीम्स टी एप्स” का कोई औचित्य नहीं, इसे तत्काल बन्द कर, पुराना सिस्टम लागू करें राज्य सरकार अन्यथा प्रदेशभर में होगा इसका खुला विरोध

रायपुर //-
छत्तीसगढ़ प्राथमिक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने स्कुलो में आन लाइन परीक्षा सिस्टम एवँ मोबाइल से नम्बर भरने की नई पद्धति “सीजी टीम्स टी एप्प” को औचित्यहींन बताते हुए तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है।
फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि इस वर्ष राज्य सरकार ने स्कुलो में टेबलेट के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा लेने व परीक्षा में प्राप्त नम्बरो को मोबाइल के माध्यम से एप्स में भरने का एक सिस्टम निकाला है जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित व सही प्रतीत नहीं होता।
पहले तो टेबलेट में परीक्षा का प्रश्नपत्र आया, जिन प्रश्नों को देखकर शिक्षकों ने ब्लैक बोर्ड में प्रश्न लिखाकर बच्चो की परीक्षा ली। उक्त प्रक्रिया से स्कुलो में शिक्षक बेवजह परेशान होते रहे। इस परीक्षा में प्रश्न एवँ उत्तर पुस्तिका अलग से उपलब्ध नहीं कराई गई थी जिससे कि टेबलेट से देखकर प्रश्नों को ब्लैकबोर्ड में लिखवाया गया तथा उत्तर पुस्तिका के लिए कॉपी पन्नो का उपयोग किया गया अथवा अलग से उत्तर पुस्तिका खरीद कर परीक्षा लेना पड़ा।
उत्तर पुस्तिका खरीदने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा अलग से किसी भी प्रकार की राशि स्कुलो को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जिससे शिक्षक अपने जेब के पैसे से सभी विषयों के लिए उत्तर पुस्तिका खरीदे है। जैसे तैसे करके परीक्षा तो निपट गई लेकिन पूरी परीक्षा होते तक शिक्षक कॉपी परेशान रहे।
फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष जाकेश साहू ने बताया कि परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सभी छात्र-छात्राओं के सभी विषयों के नम्बरो को मोबाइल के द्वारा “सीजी टीम्स टी एप्स” के माध्यम से भरा जा रहा है जिससे शिक्षक काफी हलाकान और परेशान हो रहे है। सभी विषयों को बार बार ओपन किया जाकर प्रत्येक छात्र-छात्राओं का नम्बर बारी बारी से भरा जा रहा है जिससे एक ओर जंहा इस कार्य मे काफी दिक्कत महसूस हो रही, घण्टो लगातार इस कार्य को मोबाइल में करने से काफी बेचैनी व थकान महसूस हो रही वंही दूसरी ओर आंखों पर इसका काफी बुरा असर पड़ रहा है।
चूंकि जब प्रदेशभर के प्रत्येक स्कुलो में सभी कक्षाओ का परीक्षा फर्द रहता है, जिसमे सभी कक्षाओ के प्रत्येक छात्र-छात्राओं का सभी विषयों का नम्बर संधारित होता है जिसके अंतर्गत त्रैमासिक, अर्धवार्षिक एवँ वार्षिक परीक्षाओ का पूरा अंक संधारित रहता है। जो स्कुलो में पूर्णत सुरक्षित रहता है। साथ ही सभी स्कूली बच्चों को वर्ष के अंत मे मार्कशीट वितरित की जाती है। इसके अलावा परीक्षा फर्द में सारे अंक हमेशा के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहता है ऐसे में उक्त “टीम्स टी एप्स” का कोई औचित्य ही नहीं है।
प्राथमिक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा कि यदि राज्य सरकार इस योजना को लागू करना ही चाहती है तो पहले प्रदेशभर के सभी प्राथमिक शालाओ में कम्प्यूटर व लैपटॉप तथा कम्प्यूटर आपरेटर दे। सभी स्कुलो में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराए उसके बाद ये सिस्टम लागू करें। अन्यथा प्रदेशभर के इसका जमकर विरोध किया जाएगा।
प्राथमिक शालाओ को सरकार बेवजह प्रयोग शाला बनाकर कुछ भी औचित्यहीन प्रयोग करना बंद करें। स्कुलो में शिक्षकों को पुरानी पद्धति से स्वतंत्र रूप से पढ़ाने दिया जाए। आखिर बिना किसी तैयारी व सिस्टम उपलब्ध कराए नई नई योजनाएं लागू कर सरकार क्या साबित करना चाहती है ???? ये समझ से परे है।

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