November 29, 2021
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ताजमहल में नमाज बंद हो या फिर वहा शिव चालीसा करने की भी इजाजद दो

ताजमहल में नमाज पढ़ने की इजाजत तो हिंदुओं को शिव चालीसा पढ़ने की अनुमति भी दो (ABISS) 

लखनऊ / ताजमहल को लेकर पिछले कुछ दिनों से मचे  घमासानो के बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास विंग अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति (ABISS) ने मांग की है कि ताजमहल में शुक्रवार को होने वाली नमाज़ पर रोक लगा दी जाए.बता दें शुक्रवार को ताजमहल बंद रहता है. क्योंकि इस दिन यहां पर नमाज पढ़ी जाती है. इंडिया टूडे से बातचीत में अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष डॉ बालमुकुंद पांडे ने कहा कि ताजमहल एक राष्ट्रीय विरासत है, इसीलिए ऐसे स्थानों को धार्मिक स्थान के लिए उपयोग करने की इजाजत नहीं देनी चाहिए. इस बयान के तहत पांडे ने मांग की कि ताजमहल में नजाम पढ़ने पर पूरी तरह से रोक लगा देनी चाहिए. आगे इंडिया टूडे से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अगर ताजमहल में नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाती है तो हिंदुओं को शिव चालीसा पढ़ने की अनुमति भी दी जानी चाहिए.उन्होंने कहा कि अगर मुसलमानों को वहां पर नमाज करने की इजाजत दी जा सकती है, तो हिंदुओं को शिव चालीसा पढ़ने की भी दी जानी चाहिए. ताजमहल पर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। विवादों के बीच कल गुरुवार को यूपी के सीएम योगी अदित्यनाथ ने कल ताजमहल का दौरा किया।

ज्ञातव्य है कि योगी के दौरे से पहले ही ताजमहल में शिवचालिसा पढने को लेकर विवाद हुआ था। हाल ही में हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों द्वारा ताजमहल में शिवचालिसा पढने के बाद बवाल ज्यादा बढ गया था। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास विंग अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने मांग की है कि ताजमहल में शुक्रवार को होनी वाली नमाज पर रोक लगा दी जाए।गौरतलब है कि दो दिन पहले ही हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं ने ताजमहल के बाहर शिव चालीसा का पाठ किया था.इसके अलावा इस बातचीत में पांडे ने कहा कि वो ताजमहल पर कई सबूत एकत्रित कर रहे हैं जिसके बाद सच्चाई सामने आ जाएगी कि ताजमहल पहले एक शिवमंदिर था. जिसे एक हिंदू राजा के द्वारा बनवाया गया था. ऐसे में ताजमहल मोहब्बत की निशानी नहीं है. शाहजहां की मृत्यु के बाद चार महीने बाद ही मुमताज ने दूसरी शादी कर ली थी. आपको बता दें कि अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इतिहास विंग है. जिसका मकसद इतिहास को राष्ट्रभक्ति के नजरिये से लिखना या उसे सही करना है.  बता दें, ताजमहल पर मचे घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ ने आगरा का दौरा किया था. इस दौरान मुख्यमंत्री ने ताजमहल के बाहर सड़कों पर सफाई भी की. लेकिन इसके तुरंत बाद एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को बीजेपी और आरएसएस के दिमाग की सफाई करनी चाहिए.उल्लेखनीय है कि आरएसएस की इतिहास विंग का मानना है कि ताजमहल एक शिवमंदिर था, जिसे एक हिंदू राजा ने बनवाया था। यही कारण है कि अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति की मांग है कि ताजमहल में नमाज बंद होनी चाहिए।

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