January 20, 2022
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अब मां के दूध से बनी ज्‍वैलरी का आ गया फैशन भारत में भी तेजी से पॉपुलर हो रहा है

नई दिल्ली/टीम डिजिटलमां का दूध बच्चे के लिए सबसे अमूल्य आहार तो है ही लेकिन अब उसके लिए ज्वैलरी भी बन सकता है। जी हां मां के दूध से अब ज्वैलरी तक बनने लगी है। इन दिनों मां के दूध से बने गहनों का प्रचलन जोरों पर है। महिलाएं अपने स्तन के दूध को एक जूलरी आइटम में प्रीजर्व करा रही हैं। वह अपनी ब्रेस्ट फीडिंग वाले पलों के प्रतीक के तौर पर ऐसी ज्वैलरी बनवा रही हैं।ममी मिल्क क्रिएशन्स ने हाल ही में मां के दूध से बना नैकलेस बनाया है जिसे लेकर माताओँ में अनमनापन छा गया है।

लोगो का मानना है की है कि गाय या भैंस के दूध की तुलना में मां का दूध ज्‍यादा समय तक रखा जा सकता है वो खराब नहीं होता। इसके बाद जब दूध उन्‍हें मिल जाता है तो वो उसमें सीक्रेट इंग्रीडियन डाल कर उसे सेमी थिक बनाते हैं। उसके बाद उसे ग्राहक के पसंदीदा शेप में काटा जाता है।

डेलीमेल के अनुसार ऑनलाइन स्टोर एट्से डॉट काम पर ममी मिल्क क्रिएशन मां के दूध से बनी एंटीक ज्वैलरी बेच रही है। आप सोच रहे होंगे कि मां के दूध से नैकलेस भला कैसे बन सकता है। दरअसल मां के दूध को सुखाकर बने छोटे छोटे डिजाइन को नैकलेस में संरक्षित किया जाता है। अगर कोई मां चाहे तो इस नैकलेस में अपने दूध से अपने बच्चे का नाम उसके नन्हें हाथ या अन्य कोई निशानी बनवा सकती है। साल 2013 में इसकी शुरुआत हुई यह ट्रेंड बच्चे के साथ अपने खूबसूरत रिश्ते को कैद करने का यह तरीका खूब पसंद किया जा रहा है।

अब यह ट्रेंड भारत में पहुंच चुका है। ब्रेस्ट मिल्क जूलरी बनाने वाले कई भारतीय आर्टिस्ट फेसबुक पेज बनाकर अपना बिजनेस कर रहे हैं। इस स्टोर की मालकिन एलिसा मोगावेरो का कहना है कि जो लोग अपने बच्चे के लिए इस तरह के क्रिएशन बनवाना चाहते हैं उन्हें दो चम्मच मां का दूध एक जिपलॉक बैग में कंपनी को भेजना होगा ताकि उसे सुखा कर नैकलेस में संरक्षित किया जा सके। नैकलेस के आधार पर इन क्रिएचर के दाम तय किए गए हैं।

ये 64 डॉलर से 125 डॉलर तक की कीमत में उपलब्ध हैं। आर्डर देने के छह से आठ सप्ताह के बीच आपको अपने बच्चे के लिए अनोखा लेकिन अनमोल गिफ्ट मिल जाएगा।Preethy Vijay के अनुसार, बच्‍चे का हर पहला अहसास मां के लि‍ए खास होता है. उसके हर अहसास को संजोकर रखने में अलग आनंद आता है. वैसे तो अलग-अलग आर्टिस्ट अलग-अलग तरीके से ऐसी जूलरी बनाते हैं। लेकिन आमतौर पर गहने बनाने से पहले मां के दूध के सैंपल में प्रीजर्वेटिव डाला जाता है ताकी वे खराब न हों। इसके बाद उन्हें फ्रीज किया जाता है जिससे वे सख्त हो जाएं। इसके बाद इनके मोल्डिंग का काम किया जाता है। इस प्रक्रिया में काफी वक्त लगता है इसलिए ऑर्डर पूरा होने में लंबा वक्त लगता है।

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