July 25, 2021
Breaking News

जनपद पत्थलगांव के बाबू खिलाफ गुमनामी शिकायत पर जांच शुरू, जिला सीईओ ने टीम गठित कर करवाया जांच।

जनपद पत्थलगांव के बाबू के खिलाफ गुमनामी शिकायत पर जांच शुरू, जिला सीईओ ने टीम गठित कर करवाया जांच।
हरितछत्तीसगढ़ विवेक तिवारी/संजय तिवारी पत्थलगांव ।पत्थलगांव में इन दिनों गुमनाम शिकायत का दौर शुरू हो गया है गुमनाम शिकायतकर्ता तमाम पुख्ता दावे के साथ सही जगह यहां तक कि पीएमओ ओर राजधानी के मंत्रालय तक गुमनाम शिकायत पत्र भेजकर अपनी भड़ास निकल रहे है ।मामला जनपद पंचायत पत्थलगांव का है जहां कई वर्षों से इस मलाईदार कुर्सी को छोड़ने को तैयार नही बाबू की शिकायत की गयो थी जिसके बाद जिला सीईओ द्वारा जांच टीम बनाकर मामले की जांच कराई गयी। टीम में फरसाबहार सीईओ सरल एवम् पत्थलगांव तहसीलदार मायानंद चंद्रा शामिल थे।

तहसीलदार ने मामले की जानकारी देते हुवे बताया कि जनपद मे पदस्थ समारू नवरतन की शिकायत किसी नर मंत्रालय में की थी बिना नाम के बेनाम शिकायत पत्र पर कार्यवाही हेतु उन्हें और फरसाबहार सीईओ को जांच कार्यवाही कर प्रतिवेदन देना था उन्होंने बताया कि गुमनाम शिकायत में उक्त बाबू के कई वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे रहने एवम् आम जनताओं के साथ व्यवहार कुशल न होने की शिकायत की गई थी। उक्त मामले में जांच कर जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला सीईओ को प्रेषित कर दिया गया है।
गुमनामी शिकायत की क्या वजह हो सकती है
ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो जनपद पंचायत एक ऐसा अंग है, जो त्रिस्तरीय पंचायत में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाती है। ग्राम पंचायत से अनुमोदन होने वाले सभी योजनाओं का क्रियान्वयन जनपद पंचायत के माध्यम से जिला पंचायत द्वारा किया जाता है। जनपद पंचायत पर ही शासन की ओर लागू महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन भी किया जाता है। इस लिहाज से जनपद पंचायत की भूमिका अपने आप में ही अहम होती है। शायद यही कारण है कि इस कार्यालय को मलाइदार कार्यालय के रूप में भी जाना जाता है। ऐसे में भला बरसो से जमे बाबुओं द्वारा व्यवहार कुशल नही होने की गुमनामी शिकायत पर भी सवालिया निशान उठने शुरू हो गए है साथ ही गुमनामी शिकायत पर इस तरह की करवाई होने से शिकायतकर्ताओ का मनोबल तो बढ़ाएगा ही साथ ही प्रशासन की सक्रियता भी सामने आरही है।बहरहाल पूर्व में भी इसी जनपद में कार्यालय में शराबखोरी की भी गुमनामी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक हो चुकी है उस समय भी बकायदा जांच हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *