January 21, 2020
  • 6:55 PM ड्रॉप -रो बाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर पारुल कश्यप ने जीता गोल्ड मेडल
  • 6:48 PM रायगढ़: भारी मात्रा में बारूद और डेटोनेटर विस्फोटकों से लदी वाहन बरामद ड्राइवर सहित दो लोग हिरासत में
  • 5:46 PM लो फिर शुरू हुवा सड़क मरम्मत इस बार भी गुणवत्ता की अनदेखी/बगैर डस्ट हटाए रिपेयर लोगो में आक्रोश  
  • 3:30 PM संत रामपाल जी महाराज की लोकप्रियता जशपुर पत्थलगांव में भी,प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पत्थलगांव में  संत रामपाल जी महाराज जी की “आध्यात्मिक क्रांति”  उमड़ रही  
  • 2:47 PM शालेय शिक्षकों ने किया आगामी बजट हेतु रोचक मनुहार:दिलाया “किरिया के सुरता” और छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री से किया छत्तीसगढ़ी में गुहार

Sharing is caring!

106-करोड़ की सड़क बनाने वाली एडीबी की खस्ताहालत सड़कें,,,सड़क बनाते-बनाते एडीबी के अधिकारियों सहित ठेकेदार भी खस्ताहाल हुए।

सड़क-निर्माण की समय-सीमा-समाप्ति के बाद भी ठेकेदार को ढो रहे,,एडीबी के अधिकारी,,,दया यहा तो गड़बड़ ही गड़बड़ है।

चुनावी-शोर समाप्त जनप्रतिनिधि के साथ जनता भी शांत,,,नगर का 4-था स्तंभ ही मुखर,,,अपने बुनियादी सुविधाओं के लिए आखिर कब जागेगी जनता।

एडीबी के ठेकेदार पेटी-कॉन्ट्रेक्टर द्वारा बनाई गई नाली,,,मोटरसाइकिल का भार भी नही सह-सकी,,भसक गई नाली।

दिनांक:-13-01-2020

संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।

करगीरोड़-कोटा:-अप्रैल 2016 में शुरू किए गए एडीबी की 50.200 किमी लंबी सड़कें 07 मीटर चौड़ी सड़के जो कि कोटा रतनपुर लोरमी मार्ग के बीच बनने वाली एडीबी की 106 करोड़ की सड़क बनाने वाली जिंदल-इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट-लिमिटेड दो वर्ष पूर्ण करने के बाद भी सड़को के निर्माण कार्य पूर्ण नही कर पाई,अप्रैल 2018 में सड़क निर्माण-कार्य पूर्ण हो जाना था,जनवरी 2020 लग गया, एडीबी के अधिकारियों के आशीर्वाद से ठेकेदार को डेढ़ साल की अवधि ज्यादा दे दी गई, पर सड़क का हाल सड़क अपने दर्द को खुद बयांन कर रही है,सड़क निर्माण की शुरुआत से लेकर वर्तमान-तिथि तक सड़कों के गुणवत्ताहीन घटिया सड़क निर्माण की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनी, सरकार बदल गई एडीबी के अधिकारी बदल गए, साल बदल गए, सड़क-नाली निर्माण करने वाले पेटी-कांट्रैक्टर बदल गए, पर अगर बदलाव नही हुवा तो वो है ठेकेदार-?आज भी जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर-प्राइवेट-लिमिटेड ही एडीबी के सड़को के नालीयो के सड़क निर्माण कर रही है, एडीबी के अधिकारियों की जिंदल-इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट-लिमिटेड से इतनी मोहब्बत,इतनी मोहब्बत तो लैला ने मजनू से भी नही किया होगा,आखिर ये रिश्तों की गठजोड़ की गांठ कहा बंधी हुई है, या फिर सत्ता के बदलने का असर है,जो कि मनमर्जी-तरीके से घटिया गुणवत्ता-हीन सड़क के साथ नालियों का निर्माण किया जा रहा है, ठेकेदार की माने तो ठेकेदार के द्वारा ऐसे ही कार्य करेंगे विरोध करो या फिर खबरे प्रकाशित करो काम तो ऐसे ही चलेगा।

एडीबी के ठेकेदार जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा कोटा नगर-पंचायत के जय-स्तंभ से रेलवे स्टेशन तक का सड़क नाली-निर्माण का कार्य शुरू किया गया है,जय स्तंभ चौक को छोड़कर कुछ दूरी के बाद से सड़क निर्माण किया गया है,रोड के दोनो तरफ साइड-साइड में नाली का भी निर्माण किया जा रहा है,सड़क का निर्माण कार्य तो पहले ही गुडवत्ता-हीन चल रहा था, घटिया सड़क निर्माण कार्य में नाम-रोशन कर चुके एडीबी के ठेकेदार के खाते में गुडवत्ता-हीन घटिया नाली-निर्माण कार्य करने का भी तमगा जुड़ गया,कोटा नगर के लोग भी रोज-रोज के सड़को की खुदाई, नाली निर्माण, पाइप-लाइन की खुदाई को लेकर अपने आपको महानगर में रहने की अनुभूति महसूस कर रहे हैं, ऐसा लगता है मानो बिलासपुर सीवरेज वाले सिंम्प्लेक्स-ठेकेदार की आत्मा कोटा नगर के एडीबी सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार के शरीर में प्रवेश कर चुकी हो, कोटा नगर में सड़क निर्माण हो या फिर नाली-निर्माण खुदाई के दौरान पोकलैंड-मशीनों के साथ जेसीबी की खुदाई देखने आमजनो की होड़ लग जाती है, इसलिए नही की जेसीबी या पोकलेन मशीन सनी लियोनी चला रही है-?वो इसलिए कि खुदाई के दौरान कहि हमारा पानी का पाइप-लाइन तो नही उखड़ गया, क्योकि जेसीबी वाला सड़को की खुदाई करके तो आगे बढ़ जाता है,परेशानी उस पाइप-लाइन वाले आम उपभोक्ताओं-आमजनो को हो जाती है, जिसके घरों का कनेक्शन उस पाइप लाइन से जुड़ा होता है।

वार्ड-क्रमांक 06 में नाली निर्माण का कार्य जारी है,कुछ दिनों पहले वार्ड क्रमांक 05 के पार्षद श्रीमती सारिका शैलेश गुप्ता के घर व दुकान के सामने नाली निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा था, जिस पर गुडवत्ता-हीन नाली-निर्माण को लेकर कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद सहित पार्षद पति ने आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी, खबर पढ़ते हुए पाठकों के मन मे एक सवाल भी आया होगा की वार्ड नं 06 में घटिया नाली निर्माण किया जा रहा है-?तो वार्ड नं 05 के नवनिर्वाचित पार्षद द्वारा आपत्ति क्यो दर्ज कराई गई-? वार्ड नं 06 के पार्षद के द्वारा आपत्ति क्यो दर्ज नही कराई गई-?तो पाठकों को बता दे कि वार्ड नं 05 के पार्षद का घर व दुकान वार्ड नं 06 में है, वार्ड नं 05 के पार्षद के बगल से जाने वाला मार्ग फिरंगीपारा के वार्ड नं 04 व वार्ड नं 05 को जोड़ता है,फिरंगीपारा की ओर जाने वाले मार्ग में एडीबी के ठेकेदार के द्वारा निर्माण की गई नाली के ऊपर बनी स्लैब धस गई, जिसमे की एक मोटर साइकिल सवार फंस गया, वो तो अच्छा हुवा की नाली के धसने के समय कुछ लोग वहां पर मौजूद थे,नही तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी,चूंकि नाली निर्माण के समय नाली पार करने के दौरान कुछ लोग नाली में गिर चुके थे, उसके अलावा एक गाय भी नाली में निर्माण के दौरान गिर चुकी थी,ऐसा वहां पर उपस्थित आमजनों ने बताया, अगर नाली-धसने से कहि कोई दुर्घटना हो जाती तो दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को मुआवजा के लिए 2021 या फिर 2022 तक इंतजार करना पड़ता, या फिर मुआवजा के लिए एडीबी के अधिकारियों के या ठेकेदारों के कार्यालयों में दौड़ भाग करना पड़ सकता था।

आश्चर्य वाली बात यह रही कि गुणवत्ता-हीन घटिया नाली निर्माण के धसने के सवाल पर एडीबी के इंजीनियर प्रवीण शुक्ला ने घटिया निर्माण कर रहे ठेकेदार पर सवाल उठाने जवाबदारी तय करने के बजाए इंजीनियर साहब ने मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति पर ही पूरा दोष मढ़ दिया, एडीबी के इंजीनियर का रैंक भी शायद हमारे वर्तमान रिटर्निंग-अधिकारी तहसीलदार कोटा जैसा ही होगा, वो भी आपत्ति दर्ज कराने वाले या शिकायत दर्ज कराने वाले पर ही पूरा दोष मढ़ देते हैं, खैर इंजीनियर साहब ने भारत की मातृभाषा हिंदी में ही बात की छत्तीसगढ़ी-भाषा का प्रयोग नही किया, उनके द्वारा कहा गया कि मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति द्वारा नाली-ढलाई के बाद ही नाली पर गाड़ी चढ़ा दी होगी, जिससे की नाली भसक गई होगी,जबकि नाली-निर्माण के ढलाई के बाद उस मार्ग पर आवागमन बंद था, ढलाई के काफी दिनों बाद ठेकेदार के जेसीबी मशीन से मलबे को नाली के आसपास डाला गया ताकि आवागमन चालू हो सके, अच्छा हुआ इंजीनियर साहब ने मोटरसाइकिल सवार की बात कही, हाइवा गुजारने की बात नही कहि, फिलहाल नाली धसने-वाली जगह को ठेकेदार के द्वारा जेसीबी से तोड़कर फिर से पुन:निर्माण किया जा रहा है।

कोटा नगर की जागरूक जनता सावधान रहे, एडीबी की सड़क या नाली-निर्माण वाली जगहों को सावधानी पूर्वक-पार करे हो सके तो मोटरसाइकिल या फिर भारी वाहनों को सड़कों या नाली निर्माण वाली जगहों पर ना चलाए दुर्घटना होने की संभावना बनी रहेगी, इंजिनियर साहब की बातो का मान रखते हुए एडीबी की सड़को में संभल कर चले, नाली-निर्माण वाली जगहों पर भी संभल कर चले हो सके तो वाहनों को पार ना करवाए, और हो सके तो खुद भी पार ना करे जब तक एडीबी के इंजीनियर साहब या ठेकेदार अप्रूवल ना दे दे, वैसे भी वर्तमान एडीबी के सड़कों की हालत बिलासपुर के खोदापुर जैसी होकर रह गई है,जिसमें की कभी ना कभी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहेगी खासकर रात के वक्त इसलिए कोटा नगर के आमजन सोच कर चलें, संभल कर चलें जीवन आपका है, एडीबी के अधिकारियों या फिर एडीबी के ठेकेदारों के भरोसे ना रहे।

Sharing is caring!

haritwnb

RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT