December 4, 2021
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ट्रेन में नही दिखेंगे टीटीई, फ्लाइंग स्क्वाड की लगेगी ड्यूटी

ट्रेन में नही दिखेंगे टीटीई, फ्लाइंग स्क्वाड की लगेगी ड्यूटी ट्रेनों में टिकट चेकिंग की व्यवस्था जल्द ही बदल जाएगी।

मुंबई की लोकल ट्रेनों की तरह टिकट चेकिंग के लिए टीटीई (ट्रेवलिंग टिकट इंस्पेक्टर) की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। सिर्फ जगह-जगह फ्लाइंग स्क्वॉड के जरिए चेकिंग की जाएगी। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में बिना कन्फर्म टिकट यात्रा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना भरने के बाद अगले स्टेशन पर यात्रा खत्म करनी होगी। यह व्यवस्था कुछ स्पेशल ट्रेनों में शुरू कर दी गई है और जल्द ही सभी ट्रेनों में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक टीटीई की संख्या कम करने रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही टीटीई की नई भर्ती पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि रेलवे रिजर्वेशन नियम के मुताबिक अभी ऑनलाइन वेटिंग टिकट लेने वाले पैसेंजर ट्रेन में सफर नहीं कर पाते हैं, लेकिन काउंटर टिकट लेने वालों को इसमें राहत दी जाती है, इस पर भी रोक लगा दी जाएगी। ट्रेन में कन्फर्म टिकट लेने के बाद भी कई बार एक सीट दो पैसेंजर को अलॉट हो जाती हैं। ट्रेन का चार्ट बनने के बाद खाली सीट होने पर टीटीई, पैसेंजर को अलॉट करता है, लेकिन इस स्थिति में खाली सीट होने पर भी पैसेंजर को सीट नहीं मिलेगी। – रिजर्वेशन चार्ट 4 घंटे पहले और ट्रेन रवाना होने के 30 मिनट पहले बनता है। कई बार पैसेंजर को चार्ट की जानकारी नहीं होती, जो टीटीई देता है। अब यह जानकारी मिलना मुश्किल होगा। – हाईकोर्ट ने ट्रेन के स्लीपर कोच में चोरी होने पर कोच में तैनात टीटीई और आरपीएफ की जिम्मेदारी तय की है, लेकिन अब इसमें भी परेशानी होगी। बदलाव से ये फायदे भी -सरप्राइज चेकिंग में पकड़े जाने के डर से यात्री कन्फर्म टिकट लेकर ही एसी और स्लीपर कोच में बैठेंगे। -टीटीई से सेटिंग कर यात्रा करने वालों पर लग सकेगी रोक। -हर ट्रेन में टीटीई को शुरू से अंत तक सफर नहीं करना पड़ेगा। -फ्लाइंग स्क्वॉड या स्पेशल टीम एक से दो स्टेशन के बीच में ही पूरी ट्रेन चेक कर लेंगे। भर्ती पर रोक हटाने लिखा पत्र रेलवे में सेफ्टी के पदों पर भर्ती शुरू कर दी है, लेकिन नॉन सेफ्टी कैटेगरी पर रोक लगा दी है। इस कैटेगरी में टीटीई स्टॉफ भी आता है। इसका असर ट्रेनों में दिखने लगा है। हालात यह हैं कि कई बार बिना टीटीई के भी ट्रेन चलाना पड़ रहा है।

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