December 4, 2021
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दस रुपये के स्टांप पेपर में हुआ धर्म परिवर्तन? राजस्थान

जोधपुर:अदालत ने पूछा, पुलिस कैसे मान सकती है कि 10 रुपये के स्टांप पर हलफ़नामा देने से लड़की का धर्म परिवर्तन क़ानूनन जायज़ है जबकि क़ानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

 जोधपुर में दस रुपए में धर्म परिवर्तन वाले केस में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ निकाह करने से धर्म परिवर्तन नहीं हो सकता. दरअसल एक लड़की के भाई का आरोप है कि 10 रुपये के स्टांप पेपर पर दस्तखत करवाकर उसकी बहन का धर्म परिवर्तन कराया गया है. इस बारे में कोर्ट ने राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है कि वह बताए कि धर्म परिवर्तन का नियम-कानून क्या है?जोधपुर में एक हिंदू लड़की घर से भागकर मुसलमान बन गई. इसके बाद परिवार हाईकोर्ट पहुंचा तो खुलासा हुआ कि दस रुपये के स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराकर पायल सिंघवी नाम की हिंदू लड़की आरिफा बन गई. परिवार का आरोप है कि बहला फुसलाकर पायल का धर्म परिवर्तन कराया गया है.

लड़की की उम्र 22 साल है और उसके भाई की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने पुलिस की लापरवाही पर नाखुशी जताई, जिसने परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया था.

अदालत ने पूछा कि पुलिस कैसे मान सकती है कि महज दस रुपये के स्टांप पेपर पर हलफनामा देने से लड़की का धर्म परिवर्तन कानूनन जायज है जबकि कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है.न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास ने तल्ख टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि कल मैं भी दस रुपए में शपथ पत्र पर स्वयं को गोपाल मोहम्मद लिख सकता हूं क्या?

विदित हो की इस तरह के आरोप हैं कि हिंदू लड़कियों को धर्म परिवर्तन करने और मुसलमानों से शादी करने के लिए लुभाया जाता है और हिंदू संगठन इसे लव जिहाद बताते हैं.इसी तरह के एक मामले की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को राजस्थान सरकार से कहा कि राज्य में धर्मपरिवर्तन के कानूनों और दिशा—निर्देशों के बारे में बताए.अदालत ने निर्देश दिया कि लड़की को सात दिनों के लिए नारी निकेतन में भेजा जाए और पुलिस को निर्देश दिया कि सुनिश्चित किया जाए कि वहां उससे कोई मुलाकात नहीं करे.मामले में विस्तृत रिपोर्ट की मांग करते हुए अदालत ने पुलिस से कहा कि क्या उसने लड़की के कथित हलफनामे की सच्चाई की जांच का प्रयास किया. इसने पुलिस को निर्देश दिया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच करे.

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