April 7, 2020
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प्रशासनिक-अधिकारियों की कड़ाई का दिखा असर जय-स्तंभ चौक से रेलवे स्टेशन तक दुकाने बंद,,, आम लोगो की आवाजाही कम।

प्रशासनिक-अधिकारियों की कड़ाई का दिखा असर जय-स्तंभ चौक से रेलवे स्टेशन तक दुकाने बंद,,, आम लोगो की आवाजाही कम।

आज सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारियों ने फिर से फ्लैग मार्च किया,,,कोटा नगर के साथ,,,ग्रामीण क्षेत्रों में भी कर रहे लगातार दौरा।

किराने की दुकान मोबाइल शॉप पेट्रोल-पंप मेडिकल स्टोर खुले हुए,,, होटल और सब्जी दुकान भी आज बंद।

हरित-छत्तीसगढ़ की पाठको से आमजनों से अपील आवश्यकता पड़ने पर ही घर से निकले अपने-अपने घरों में रहे,, सुरक्षित रहें।

दिनांक:-24-03-2020*

संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।
संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।

 

*करगीरोड-कोटा:-सोमवार शाम के बाद कोटा के प्रशासनिक-अधिकारियों की कड़ाई के बाद मंगलवार की सुबह से लेकर वर्तमान समय तक कोटा नगर की दुकानें लगभग बंद है, केवल मेडिकल स्टोर, किराने की दुकान, मोबाइल शॉप, और बैंको ही खुले हुए दिखाई दिए, सब्जी दुकाने सहित आज होटल भी बंद पड़े हुए हैं, आज सुबह ही कोटा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ आईएस प्रशिक्षु एसडीएम कोटा एसडीओपी कोटा के द्वारा पुनः एक बार फिर से कोटा नगर में सायरन बजाते हुए फ्लैग मार्च किया, जो कि वर्तमान स्थिति तक जारी है, एसडीओपी कोटा के द्वारा पेट्रोल पंप के सामने ठेकेदार द्वारा मजदूरों से काम करा रहे काम को रुकवाया गया और उन्हें कर्फ्यू का पालन करने के लिए कहा गया, उसके अलावा कोटा नगर में प्रशासनिक-अधिकारी द्वारा एक बार पुनःसमझाइश के साथ 31 मार्च तक लॉक डाउन की स्थिति को बरकरार रखने के लिए सहयोग की अपील की इसके अलावा लॉक डाउन सहित कर्फ्यू का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की बात भी कही।*

*जय स्तंभ चौक से लेकर लोरमी रोड, बेलगहना रोड, बिलासपुर रोड, पुरानी बस्ती, चंडी माता चौक, रेलवे स्टेशन, राम मंदिर चौक, डाक बंगला चौक, महाशक्ति चौक तरफ की सभी दुकानें लगभग बंद दिखाई पड़ी कोटा हॉस्पिटल में थोड़ी सी भीड़ दिखाई पड़ी, वही आज कोटा नगर पंचायत अधिकारी भी नगर पंचायत कार्यालय में उपस्थित रहे साथ में कर्मचारी के अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष के पति प्रदीप कौशिक भी कार्यालय में दिखाई दिए।*

*कोरोना वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन सहित कर्फ्यू का पालन कराने के लिए कोटा नगर के जनप्रतिनिधियों को भी सामने आना चाहिए, चुनाव के समय वोटों की खातिर मोहल्ले मोहल्ले, गली-गली घूमने वाले चुने हुए जनप्रतिनिधियों को भी सामूहिक रुप से नगर में निकलकर लोगो के लिए कम से कम मास्क सैनिटाइजर की व्यवस्था बनाने में सहयोग प्रदान करना चाहिए, प्रशासनिक-अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कोटा नगर पंचायत के 15 वार्डो के जनप्रतिनिधियों को भी अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए पर अफसोस कोरोना वायरस का खौफ जनप्रतिनिधियों पर भी दिखाई पड़ रहा है, अधिकांश जनप्रतिनिधि अपने-अपने घरों में दुबक कर बैठे हैं, कोटा नगर पंचायत के 15 वार्डो के जनप्रतिनिधियों के साथ कोटा विधानसभा की विधायिका के साथ बिलासपुर सांसद भी नदारद है, कम से कम अपने विधानसभा क्षेत्र हैं, व संसदीय क्षेत्र में जाकर कोरोना वायरस को लेकर वस्तुस्थिति जानने का प्रयास के साथ व्यवस्था बनाने में सहयोग करना चाहिए, केवल प्रशासनिक अधिकारियों के भरोसे आम जनों को नहीं छोड़ना चाहिए कोटा विधानसभा की जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों को नेतृत्व दिया है, जनप्रतिनिधियों का भी फर्ज बनता है,कि अपने क्षेत्र की जनता का विशेष ध्यान रखें खासकर वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम से कम अपना संदेश दिया, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नाम अपना संदेश दिया, कम से कम वर्तमान सांसद और वर्तमान विधायिका का भी दायित्व बनता था, कि अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर दौरा कर वस्तुस्थिति जानने की प्रयास करते कोटा विधानसभा की जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास करते कम से कम मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था बनाते पर लगता है, वर्तमान जनप्रतिनिधियों को ही मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है, ये भी एक कारण हो सकता है, जो अपने अपने क्षेत्रों में दौरा नहीं कर रहे हैं।*

हरित छत्तीसगढ़ पढ़ने वाले पाठकों से हरित छत्तीसगढ़ बार-बार अपील करता है, की 31 मार्च तक अपने-अपने घरों में रहे जरूरत के सामान की आवश्यकता पड़ने पर ही घरों से निकले, शासन-प्रशासन को सहयोग प्रदान करें कर्फ्यू का पूरी तरह से पालन करें, चाहे वह कोटा नगर का इलाका हो या फिर कोटा नगर के बाहर ग्रामीण इलाके पंचायत स्तर के लोग हो अभी हम तीसरे स्टेज में नहीं पहुंचे हैं, और यह तभी संभव हो सकता है, जब आप जागरूक रहें कोरोना वायरस से बचाव हेतु अपनों के लिए अपने आसपास के लोगों के लिए सबसे बेहतर उपाय यही है, कि अपने-अपने घरों में रहें शासन-प्रशासन के के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक-अधिकारियों के अलावा मीडिया के लोगों से भी संपर्क कर उनकी मदद ले सकते हैं, अपने आसपास भी नजर बनाकर रखें अगर आपको कोई ऐसा संदिग्ध दिखता है, या फिर बाहर से आया हुआ व्यक्ति दिखाई पड़ता है, तो तत्काल राज्य हेल्पलाइन नंबर या फिर 1100 112 104 में सूचना दें या फिर अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारी सहित मीडिया को भी खबर कर सकते हैं, हरित छत्तीसगढ़ संवाददाता को भी सूचना दे सकते हैं, आप की सूचना संबंधित विभाग को पहुंचा दी जाएगी अपना और अपनों का ख्याल रखें, घरों पर रहें सुरक्षित रहें।

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