June 7, 2020
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कोरोनो-वायरस के खतरों के बीच भी नेत्रदान का जज्बा कायम,,,,शिवप्रसाद तिवारी सहित श्रीमती बूंदा जायसवाल ने किया नेत्रदान।

कोरोनो-वायरस के खतरों के बीच भी नेत्रदान का जज्बा कायम,,,,शिवप्रसाद तिवारी सहित श्रीमती बूंदा जायसवाल ने किया नेत्रदान।

कदम फाउंडेशन-कोटा के सदस्यों के प्रयास से सातवा नेत्रदान संपन्न हुआ,,,नेत्रदान करने में बुजुर्ग-युवाओं पर भारी।

*दिनांक:-25-03-2020*

संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।
संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।

 

करगीरोड-कोटा:- कदम फाउंडेशन-कोटा के सदस्यों के लगातार प्रयास से कोटा नगर सहित आसपास के इलाको में नेत्रदान को लेकर लोगो मे काफी जागरूकता बढ़ी है,वो अलग बात है, कि अब तक मरणोपरांत ही नेत्रदान हुआ है, और अब तक हुए नेत्रदान में बुजुर्गों का ही योगदान रहा है,जिसके लिए परिजनों को ही श्रेय जाता है, कि दुख की इस घड़ी में भी परिजनों के द्वारा मानवता का धर्म निभाते हुए दुसरो की जिंदगी में रौशनी लाने का पुण्य कार्य कर रहे हैं, जिसका माध्यम कदम फाउंडेशन जे सदस्य बन रहा है, नेत्रदान की शुरुआत एक कोटा नगर के ही एक बुजुर्ग से हुई थी, नगर में पहला नेत्रदान करने का श्रेय कोटा के ही अग्रवाल समाज के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल की माताजी को जाता है, जिन्होंने मरणोपरांत नेत्रदान किया था उसके बाद तो जैसे कोटा नगर में नेत्रदान के प्रति लोगो मे जागरूकता बढ़ते ही चली गई, वर्तमान स्थिति में कदम फाउंडेशन के सदस्यों की पहल से अब तक कोटा नगर में सात लोगो ने नेत्रदान करके उन सात लोगो के अंधेरे जिंदगी में रौशनी ला दी।*

इसी कड़ी में कोटा निवासी 60 वर्षीय शिवप्रसाद तिवारी जो कि कोटा के ही वार्ड नं 01 गतवा फाटक के पास निवासरत थे, कुछ समय से से अस्थमा की वजह से बीमार थे, जिसके बाद शिवप्रसाद तिवारी जी का मंगलवार को तड़के 4:00 बजे निधन हो गया, निधन के बाद उनकी सुपुत्री अन्नपूर्णा पांडेय एवं पुत्र मनोज तिवारी के द्वारा कदम फाउंडेशन-कोटा के सदस्य डॉ. चंद्रशेखर गुप्ता एवं विश्वनाथ गुप्ता से संपर्क कर नेत्रदान की इच्छा जताई, जिसके बाद तत्काल कदम फाउंडेशन के संस्थापक सुनील आडवाणी को जानकारी दी गई सूचना मिलते ही सिम्स नेत्र विभाग के डॉ.ठाकुर, बंसी महतो एवं साथी अनिल सोड़ेजा के साथ कोटा पहुंचकर सुबह 8:00 बजे एक और सफल नेत्रदान करवाया स्व.शिवप्रसाद तिवारी जी के द्वारा मरणोपरांत दो लोगो के अंधेरे जीवन में उजाला कर गए, वर्तमान परिस्थितियों मे कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से पूरा विश्व चिंतित हैं, बावजूद उसके स्व:तिवारी जी के परिजनों के द्वारा नेत्रदान के लिए उठाया गया कदम निश्चित रूप से आने वर्तमान पीढ़ी खासकर युवा वर्ग प्रेरणा स्वरूप है।*

*इसके पूर्व फरवरी माह मे भी 23 फरवरी को कोटा के वार्ड नं 09 डोंगरीपारा में रहने वाली श्रीमती बूंदा जायसवाल जी जो कि जय भोले गिरधर जयसवाल-भागी जयसवाल की माताजी थी, 23 फरवरी की रात के 8:00 बजे आकस्मिक निधन होने के बाद परिजनों के द्वारा कदम फाउंडेशन के सदस्यो से संपर्क कर नेत्रदान की इच्छा जताई थी, जिसके बाद फाउंडेशन के संस्थापक सुनील आडवाणी को जानकारी मिलते ही त्वरित अपने साथीयो के साथ पहुचे थे, मेडिकल कारणवश स्व: श्रीमती बूंदा जयसवाल की कार्निया रिमूव के बजाय संपूर्ण आईबॉल को निकालने की स्थिति बन रही थी, बावजूद इस दुख की घड़ी में परिजनों ने फाउंडेशन के सदस्यों के प्रयासों को देखते हुए आईबॉल निकालने के लिए अपनी सहमति प्रदान की परिजनों के इस जज्बे को डॉक्टरों की टीम ने सलाम किया,परिजनों के अनुमति के फाउंडेशन के सदस्यों ने इस रात 2:00 बजे एक सफल नेत्रदान संपन्न कराया।*

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