December 4, 2021
Breaking News

है किसी निर्माता में साहस जो हिन्दू मंदिरों को तोड़कर मस्जिद खड़ा कर देने की कहानी वाली फिल्म बना सके: विश्वदिनी पांडेय

किसी निर्माता में साहस है तो फ़िल्म बनाये अयोध्या, मथुरा,काशी और अन्य धार्मिक स्थल के ऊपर जहां मंदिरों को तोड़कर विशाल मस्जिद बना दिये गए।

हिम्मत है तो फ़िल्म बनाये काशी के उस बेबस नंदी के ऊपर जो निरीह की भाँति मस्जिद की ओर देख रहा है क्योंकि उसके आराध्य के ऊपर ज्ञानव्यापी मस्जिद खड़ा है,यह वर्तमान की स्थिति है ,न यह आरोप है और न साम्प्रदायिक कथन।

अलाउद्दीन खिलजी के ऊपर फ़िल्म बन गई और रानी पद्मिनी को उसकी प्रेयसी के रूप में प्रस्तुत कर दिया गया,कल्पना में ही सही निर्माता ने कुछ आपत्तिजनक सीन अवश्य डाले हैं फ़िल्म में जिससे राजपूत समाज आहत है।
जोधा अकबर फ़िल्म बनाकर अकबर को महान और जोधा और उसके प्रेम को महिमा मंडित किया गया।
अकबर ने किस प्रकार भारतीय हिन्दू समाज का विनाश किया उस बात का कहीं कोई उल्लेख नही।

इन मुश्लिम आक्रांताओं को हीरो के रूप में प्रस्तुत कर हम अपनी आने वाली और वर्तमान पीढ़ी में क्या संदेश देना चाहते है।

अगर गलत का विरोध करें तो हिन्दू चरमपंथी हैं आज ही एक फर्जी कलाकार प्रकाश राज ने कहा है ।कमल हासन भी अब हिन्दू चरमपंथी कहकर लोकप्रियता हासिल करना चाहता है।

मुझे स्वीकार है कि मैं चरमपंथी हूँ, क्योंकि मैं एक हिन्दू हूँ और जहां मेरे हिंदुत्व पर बात आएगी मैं हर आरोप सहने को तैयार हूँ।

विश्वदिनी पांडेय
हिन्दू स्वाभिमान संगठन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *