June 7, 2020
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देश मे कोरोनो-संक्रमित की संख्या 4-हजार से पार,,,पिछले 24 घण्टों में 693 नए केश,,,अब तक देश मे 109 लोगो की मौत।

देश मे कोरोनो-संक्रमित की संख्या 4-हजार से पार,,,पिछले 24 घण्टों में 693 नए केश,,,अब तक देश मे 109 लोगो की मौत।

छत्तीसगढ़ मे कोरोनो के 10-पॉजिटिव-मरीज,,,07-मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर वापस घर जा चुके,,03 की हालत अभी स्थिर।

कोटा-नगर सहित आसपास के इलाके,,,पूरी तरह से लॉकडाउन,,,,शाम के कुछ शोर,,,,रात होते ही सन्नाटे में तब्दील हो जाते हैं।

दुर्ग से आज फिर पैदल पहुचे सधवानी-पेंड्रा के 06 मजदूर रेलवे-स्टेशन,,,,पर रुककर खाना-खाया,,,,सुबह निकलेंगे सधवानी पैदल।

बोल-बम समिति के सदस्य है अलर्ट,,,,जरूरत-मंदो को राशन सामग्री के साथ भोजन के पैकेट भी पहुचा रहे हैं।

मीडिया की खबरों से दूर कुछ गुमनाम-समाजसेवी कमजोर तबके को करा रहे,,,राशन-सामग्री उपलब्ध,,,,फोटो-खबरें प्रकाशित नही करने की कहि बात,,,गरीबी का होगा अपमान।

हरित-छत्तीसगढ़” कोरोना के लड़ाई में साथ,,,,गरीब कमजोर-परिवारों की मदद में बनेगा माध्यम,,,शासन-प्रशासन,,,,,समाजसेवीयो तक पहुचायेगा आपकी आवाज।

दिनांक:-07-04-2020

संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।
संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।

करगीरोड-कोटा:-कोविड-19 कोरोनो वायरस से पूरा विश्व थर्राया हुआ है, कोरोनो-वायरस संक्रमण से लोगो की मौतों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है, चाइना से शुरू हुआ ये वायरस पूरे विश्व मे मौत का तांडव मचा रहा है, सुपर-पावर अमेरिका सहित पड़ोसी देश इटली, स्पेन, ब्रिटेन में मौतों का सिलसिला कम नही हो रहा है, अपितु बढ़ता ही चला जा रहा है, कोविड-19 वायरस से भारत देश भी अछूता नहीं रहा है, 30 जनवरी 2020 को भारत मे कोरोनो वायरस का पहला केश पहला पॉजिटिव मरीज की शिनाख्त हुई थी, शुरुवाती समय मे भारत मे कोरोनो वायरस को महामारी के रूप में स्वीकार नही किया गया था, पर जैसे ही विश्व-स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 कोरोना-वायरस को महामारी घोषित किया, उसके बाद से भारत सरकार ने मार्च के महीने में कोरोना वायरस से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई कोरोनो-वायरस को लेकर भारत में मार्च के महीने में स्वास्थ्य-मंत्रालय ने तैयारी शुरू कर दी गई, जिसके बाद भारत के प्रधानमंत्री के द्वारा राष्ट्र के नाम संदेश में 22 मार्च को पूरे देश मे एक दिन का जनता कर्फ्यू घोषित किया गया, जिसको पूरे देश की जनता ने स्वीकार किया, 23-मार्च को एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री ने देश के नाम संदेश देते हुए कोरोनो-वायरस के बढ़ते हुए प्रभाव डब्ल्यूएचओ के गाइड लाइन के अनुसार देखते हुए खिलाफ 24-मार्च से पूरे देश मे 21दिनों के लिए लॉकडाउन घोषित कर दिया गया 14-अप्रेल तक जो जहा है, वही पर रहने के लिए देश के प्रधानमंत्री के द्वारा आह्वान किया गया, साथ ही लोगो को अपने-अपने घरों में ही रहने के लिए हिदायत दी गई, पूरे देश के अधिकांश हिस्सों में 144 धारा भी लागू कर दी गई, जिसके बाद पूरा देश मानो की एकदम से ठहर गया, सड़को में केवल व केवल सन्नाटा पसरा हुआ है, कहि-कहि पर रोजमर्रा के जीवन में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के लिए लोगो को कुछ समय सीमा निर्धारित की गई अधिकांश राज्यों में डोर-टू-डोर राशन-दवाइयां जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं को शासन-प्रशासन के द्वारा पहुंचाया जा रहा है।

पूरे देश मे कोविड-19 कोरोनो-वायरस से संक्रमित की संख्या 4000 से पार हो चुकी है, पिछले 24 घण्टों में 693 नए केश की पुष्टि हुई है अब तक पूरे देश मे 109 लोगो की मौत हो चुकी है, लॉकडाउन के बाद सबसे ज्यादा अगर कोई प्रभावित हुआ है, तो वो दिहाडी-मजदूर मध्यमवर्गीय-परिवार जो कि रोज कुँवा खोदकर पानी पीता था, देश के अलग-अलग राज्यों में अपने और अपने पूरे परिवार के साथ कमाने खाने गया हुआ था, लॉकडाउन वाले दिन को देश के प्रधानमंत्री के बार-बार हाथ जोड़कर अपील के बाद भी किराये के मकानों में, फैक्ट्री में काम करने वाले फैक्ट्री में ही रहने वाला परिवार को मकान मालिकों और फैक्ट्री के द्वारा बाहर कर दिया गया, अलग-अलग राज्यों से दूसरे बड़े शहरों राज्यों में अपना और अपने पूरे परिवार का जीवन-यापन चलाने वाले लोग सड़कों पर आ गए, जिसके बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई लाखों की संख्या में लोग सड़कों में आने के बाद से शासन-प्रशासन के हाथ-पांव भी फूलने लगे, यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह से बंद हो जाने के बाद लाखों लोग 2-से 3-से 5-सौ हजार किलोमीटर तक अपने और अपने पूरे परिवार को लेकर अपने घरों के लिए निकल पड़े, रास्तों में कुछ इंसानियत के रहनुमा लोग समाजसेवी-संस्था के अलावा पुलिस कर्मी भी शामिल हैं, खाने-पीने का सामान दे देते तो कुछ लोगों भूखे प्यासे ही अपने-अपने ठिकाने की और अपने घर की और निकल पड़े, पैदल मार्च करते हुए कुछ लोग अपने घर पहुंच चुके, तो कुछ लोगों की सड़क यात्रा अंतिम यात्रा साबित हुई पैदल चलने वाले कुछ मध्यमवर्गीय-परिवार गरीब मजदूरों की मौतों की संख्या लगभग 30 के आसपास बताई गई, कहि कहि पर देश के अलग राज्यों में सरकार सहित प्रशासन ने रास्तों में पैदल चलने वाले लोगो को रोककर 14 अप्रेल तक उनके रहने खाने पीने की व्यवस्था भी बनाई गई, तो कही कहि पर लोग अपने अपने घरों के लिए जाने के लिए निकल पड़े हैं, कुछ की यात्रा अभी भी जारी है, पैदल चलने वाले कुछ लोगो ने मीडिया से बात करने के दौरान भावुक होकर कहा भी की कोरोनो से मौत तो बाद में होगी, भूख से मौत पहले हो जाएगी, कुछ मजदूरों ने यहा तक भी कह दिया कि अगर मरना ही है, तो अपने घर पर पहुच कर ही मरे, बावजूद इसके प्रशासन अपने स्तर पर अभी भी मुस्तैद है, वायरस का असर अन्य लोगो पर न हो लोग ज्यादा तादात में संक्रमित न हो इसके लिए प्रशासन प्रयासरत है।

वर्तमान स्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य मे कोरोनो के 10-पॉजिटिव मरीज पाए गए है जिसमें की 07-मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर वापस अपने घर जा चुके हैं, जिसके बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ने जानकारी दी, बाकी बचे हुए 03 मरीजो का भी ट्रीटमेंट जारी है, जो कि तेजी से रिकवरी कर रहे हैं, छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश मे कोरोनो वायरस की रोकथाम के लिए टॉप-टेन राज्यो में शामिल हो चुका है, जिसके लिए देश के कैबिनेट सेक्रेटरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये छत्तीसगढ़ राज्य की तारीफ की बिलासपुर जिले के कोटा नगर सहित पूरे विकास खंड में लॉकडाउन का 24 मार्च से लेकर आज की तारीख तक पूरी तरह से पालन किया जा रहा है, शासन-प्रशासन के लोग पूरी तरह से मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं, खासकर पुलिस-विभाग के अधिकारी सहित पुलिस के जवान लगातार पैट्रोलिंग कर रहे हैं,05 अप्रेल को प्रधानमंत्री के आह्वान ओर पूरे कोटा नगर में 9 बजे 9 मिनट में लाइट ऑफ करके दीया जलाया गया, मोमबत्ती, टार्च की रौशनी की गई, कहि कहि ओर पटाखे भी फोड़े पूरा नगर दिवाली की रात जैसा दिखाई पड़ रहा था, इस दौरान पुलिस की गाड़ियां सड़को पर पेट्रोलिंग करते हुए भी निकली हुई थी, जिस पर एक बार पुनः नगर के आमजनों ने अभिवादन करते हुए पुलिस विभाग के लिए तालिया बजाई, उनके दायित्वों के प्रति आभार जताया।

लॉकडाउन के बाद से ही कोटा नगर में दीगर प्रदेशो के मजदूरों का कुछ दिनों तक पैदल मार्च करते हुए आवाजाही जारी थी, जिसके लिए कोटा-नगर का प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद था, नगर के गंज स्कूल सहित अग्रसेन भवन में उनके ठहरने की व्यवस्था बनाई गई थी, कोटा नगर के सामाजिक-संगठनों के मदद से उनके भोजन की व्यवस्था बनाई गई थी, जिसमे की कोटा नगर की बोल-बम समिति के सदस्यों के द्वारा लॉकडाउन से लेकर आज की तारीख तक कार्य कर रही है, मध्यप्रदेश के सागर जिले का रिंकू का पूरा परिवार अभी भी अग्रसेन भवन में ठहरा हुआ है, उनके राशन की व्यवस्था प्रशासन सहित कोटा नगर के सामाजिक-संगठन बोल बम समिति सहित अन्य समाजसेवी लोग मदद कर रहे हैं, उसके अलावा बीच मे अग्रहरि-समाज के पदाधिकारियों के द्वारा समाज के ही कमजोर तबकों को 1000/हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की थी, उसके बाद नगर के सत्ता पक्ष सहित विपक्ष के राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि भी जागते हुए कोटा-नगर सहित आसपास की इलाको में सिनेटाइजर मास्क का भी वितरण किया साथ ही कुछ गरीब परिवारों को जिनके पास राशन कार्ड नही था, या जो कि दिहाडी मजदूर थे, उनको शासन के द्वारा प्रदान की जाने वाली सरकारी चावल राशन मुहैय्या भी उपलब्ध कराया, जो कि जरूरत मंदो को देना अभी भी जारी है, अक्सर ऐसे कमजोर तबके के लोगो को राशन देते हुए उनकी तस्वीर मीडिया में या फिर सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में दिखाई देते रहती है।

वहीं कोटा नगर सहित आसपास के इलाकों में कुछ ऐसे समाजसेवी लोग भी मौजूद है, जो कि माध्यमों के जरिए कमजोर गरीब तबके के लोगों को राशन सामग्री उपलब्ध करा रही है, लॉक डाउन के बाद से लेकर “हरित-छत्तीसगढ़” के द्वारा कोटा नगर सहित आसपास के इलाकों में गरीब-कमजोर दिहाड़ी मजदूरों की पहचान कर उन्हें राशन सामग्री मदद के लिए आह्वान भी करता रहा है, और उनकी खबरों को प्रकाशित भी करता रहा है, चूंकि सरकारी राशन दुकान खुल चुकी है, सरकार लोगो को 2 महीने का राशन निःशुल्क उपलब्ध करा रही है, लोग राशन उठा भी रहे हैं, पर कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, जो कि रोज कमाना खाना करते हैं, ऐसे लोगों की मदद के लिए नगर के कुछ समाजसेवी लोग बाहर निकल कर सामने आ रहे हैं, जब “हरित-छत्तीसगढ़” ने उनकी इस सेवाओ की खबरे को फोटो सहित प्रकाशित करने की बात कही तो उन्होंने तस्वीरों के साथ खबरों को प्रकाशित नही करने की बात कही, बल्कि हरित-छत्तीसगढ़ संवाददाता से इस अभियान में मदद करने की बात कही, इन गुमनाम समाज-सेवियों ने जो कि गुप्तदान के रूप में राशन सामग्री आटा, चावल, आलू प्याज, बिस्किट, सब्जी तेल, गरीब तबके के लोगो को मुहैया करा रहे हैं, ऐसे लोगो की जानकारी प्रदान करने की बात “हरित-छत्तीसगढ़” सवांददाता से कही ताकि लॉकडाउन तक इनकी मदद की जा सके,”हरित-छत्तीसगढ़” इन सभी गुमनाम, गुप्त दान करने वाले समाजसेवी लोगो की निस्वार्थ सेवा के लिए उनका आभार प्रकट करता है, साथ ही कोटा नगर आसपास के सभी इलाकों में रहने वाले ऐसे कमजोर गरीब तबके के लोगों की मदद करने की ऐसे ही समाजसेवी लोगो से अपील करती है, शासन-प्रशासन के द्वारा जो भी मदद इन लोगों को मुहैया कराई जा रही है, उसके अलावा ऐसे भी समाजसेवी लोग हैं, जो निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, ऐसे ज्यादा से ज्यादा लोग सामने आकर इनकी मदद करें, कुछ समाजसेवी मुख्यमंत्री सहायता राहत कोष निधि में भी डोनेट कर रहे हैं, अच्छी बात है,करना भी चाहिए, इसके अलावा अपने आसपास के ऐसे तबके के लोगों का ख्याल रखें, जहा पर शासन की मदद नही पहुच पा रही है, इसके लिए आप “हरित-छत्तीसगढ़ सवांददाता से भी संपर्क कर सकते हैं।*


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