September 25, 2021
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भारत ने किया निर्भय मिसाइल सफल परीक्षण, जानें इसकी खासियत

भारत ने लंबी दूरी की सबसॉनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ का सफल परीक्षण किया है। यह इस मिसाइल का पांचवां परीक्षण था। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित निर्भय मिसाइल 1000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है।सूत्रों ने बताया कि यह मिसाइल छह मीटर लंबी, 0.52 मीटर चौड़ी और इसके पंख 2.7 मीटर तक फैले हैं। यह 200 से 300 किलोग्राम तक के आयुध ले जा सकती है।भारत ने स्वदेश निर्मित और लंबी दूरी की सब-सॉनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ का मंगलवार को परीक्षण किया। यह मिसाइल 300 किलोग्राम तक के आयुध ले जाने में सक्षम है। ओडिशा तट पर चांदीपुर से मिसाइल का परीक्षण किया गया। यह स्वदेश निर्मित मिसाइल प्रणाली का प्रयोग के तौर पर किया गया पांचवां परीक्षण है। रक्षा वैज्ञानिकों को इस बार बिना किसी खामी के परीक्षण की उम्मीद है। मिसाइल के पहले किए गए चार परीक्षणों में से केवल 2013 में किया गया परीक्षण ही सफल रहा था।

निर्भय मिसाइल की खासियत

  • निर्भय मिसाइल की 1000 किलोमीटर की दूरी तक तो निशाना लगा ही सकती है, इसके अलावा यह काफी नीची ऊंचाई पर भी उड़ सकती है।

 

  • निर्भय क्रूज मिसाइल हर मौसम में काम कर सकती है और यह परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है।

 

  • यह मिसाइल कई लक्ष्यों के बीच हमला कर सकती है। इसमें मंडराने की क्षमता होने के चलते निर्भय मिसाइल पैंतरेबाजी में प्रदर्शन भी कर सकती है।

 

  • दुश्मन के राडार द्वारा पता लगाए जाने से बचने के लिए निर्भय क्रूज मिसाइल नीची ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है और तो और यह ब्रह्मोस मिसाइल की कमी को पूरा करती है।

ब्रह्मोस से अधिक दूर तक जा सकती है निर्भय मिसाइल

ब्रह्मोस मिसाइल की सीमा करीब 290 किलोमीटर तक है जबकि निर्भय क्रूज मिसाइल की 1000 किलोमीटर है। इस लिहाज से यह ब्रह्मोस मिसाइल से काफी अधिक दूरी तक जा सकती है।

एडवांस्ड सिस्टम्स लैबोरेटरी (एएसएल) द्वारा विकसित ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर से संचालित इस मिसाइल की परिचालनगत रेंज 1000 किलोमीटर तक है। सूत्रों ने बताया कि यह मिसाइल छह मीटर लंबी, 0.52 मीटर चौड़ी और इसके पंख 2.7 मीटर तक फैले हैं। यह 200 से 300 किलोग्राम तक के आयुध ले जा सकती है। ‘निर्भय’ का पहला परीक्षण 12 मार्च 2013 को किया गया था और उस समय मिसाइल के एक हिस्से में खराबी आने के कारण उसने बीच रास्ते में ही काम करना बंद कर दिया था।

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