November 29, 2021
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ये कैसे ओडीएफ,प्रधानमंत्री आवास में ही नहीं हैं शौचालय

ये कैसे ओडीएफ,प्रधानमंत्री आवास में ही नहीं हैं शौचालय

शौचालय के नाम पर एक और बड़ी धांधली उजागर
आवासों में शौचालय न बना राशि हड़पने की तैयारी

जनपद पंचायत प्रतापपुर सहित पूरे सुरजपुर जिला का मामला

(पप्पू जायसवाल सूरजपुर बिहारपुर )। पूरा सूरजपुर जिला ओडीएफ घोषित हो गया,उपराष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार भी ले लिया लेकिन कमाल की बात है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में शौचालय नहीं बने हैं,मामला प्रतापपुर विकासखण्ड का है जहां शौचालय निर्माण के नाम पर एक और धांधली सामने आ रही है। पंचायत खुद हितग्राहियों के यहां शौचालय फ़ बनवा उन्हें खुद के पैसे से बनाने यह कहते हुए रीट रही है कि शौचालय का पैसा आवास के साथ ही आयार है,अधिकारियों की सह पर पंचायतें शौचलायों का पैसा हड़पने की तैयारी में है।
वर्तमान में केंद्र सरकार की दो महत्वपूर्ण योजनाएं हैं स्वच्छता अभियान और प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छता अभियान में मुख्यतः शौचालय निर्माण है किन्तु सोचिए जब प्रधानमंत्री आवास में ही शौचालय न हो तो क्या स्थिति होगी,ऐसी स्थिति में दोनों योजनाएं अधूरी है स्वच्छता अभियान भी और प्रधानमंत्री आवास भी,ये भी सच है कि ऐसा हो भी रहा है और यह स्थिति है छत्तीसगढ़ के सबसे भ्र्ष्ट जिला सुरजपुर की जहां प्रधानमंत्री आवासों में शौचालय ही नही बने हैं,प्रत्येक गांव पंचायत में अधूरे और घटिया शौचलायों की बात तो किसी से छिपी नहीं है किंतु प्रधानमंत्री आवास में शौचालय का न होना किसी आश्चर्य से कम नहीं।गौरतलब है कि पूरा सुरजपुर जिला ओडीएफ घोषित हो चुका है और उपराष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार भी के लिया है,जिले को फर्जी ओडीएफ घोषित करने संबंधी कई शिकायत हो चुकी हैं और बार बार यह प्रमाणित भी हुआ है किंतु शासन प्रशासन ने झूठी वाह वाही लूटने के लिए किसी भी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। घटिया और अधूरे शौचलायों की बात सामने तो आ ही रही थी अब प्रधानमंत्री आवासों में भी शौचालय नहीं बनने की बात सामने आ रही है जो फर्जी ओडीएफ को और प्रमाणित करता है,शौचालय के अभाव में ग्रामीण खुले में शौच करने मजबूर हैं जबकि पूरा जिला खुले में शौच मुक्त हो गया है। द शूटर ने जब विकासखण्ड प्रतापपुर में घूम प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वाले हितग्राहियों के घरों में छानबीन की तो अधिकांश प्रधानमंत्री आवासों में शौचालय ही नहीं बने हैं जिसके कारण हितग्राही का पूरा परिवार खुले में शौच करने मजबूर हैं। हितग्राहियों से पूछने पर उन्होंने बताया कि सरपंच सचिव बोलते हैं कि प्रधानमंत्री आवास के लिए जो पैसा आया है उसी में शौचालय बनाना है और पूरा पैसा घर बनाने में ही खत्म हो गया इसलिए वे शौचालय नहीं बना पाए,कुछ ने बताया कि उन्हें कहा गया कि खुद से बना लो और बना के बता देना फिर पैसा दिलवाएंगे जो पैसों के अभाव में नहीं बना पाए। कुछ लोगों ने सरपंच सचुवों के कहने से आवास के साथ शौचालय बना तो लिया किन्तु उन्हें एक रुपये भी आज तक नहीं मिला है जबकि वे सरपंच सचिव सहित अधिकारियों से फरियाद कर चुके हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब प्रधानमंत्री आवास ही शौचालय विहीन हैं तो विकासखण्ड प्रतापपुर के साथ पूरा जिला ओडीएफ कैसे घोषित हो गया,अंदेशा तो यह लगाया जा रहा है कि पँचायत के साथ अधिकारी प्रधानमंत्री आवासों में शौचालय न बनवा हितग्राहियों पर दबाव डाल उन्हीं से बनवा एक बड़ी धांधली शौचालय निर्माण के नाम पर करने जा रहे हैं जिसकी जांच आवश्यक है।

कागजों में बन तो नही गए ये शौचालय

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों में शैचालयों का निर्माण न होना एक और बड़े भ्र्ष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है माना जा रहा है कि रिकॉर्ड में तो प्रधानमंत्री आवास में शौचालय बन गए हैं लेकिन धरातल में नहीं बने हैं। पंचायतों द्वारा प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति के नाम पर कमीशन के बदले हितग्राहियों पर स्वयं शौचालय बनाने दबाव डाला जा रहा है और यह भी कहा जा रहा है कि निर्माण करा लो बाद में पैसा मिल जाएगा,जिसके पास पैसा है उसने तो शौचालय बना लिया लेकिन जिसके पास नहीं है वह नही बना पा रहा है। जिसने बना भी लिया उसे आज तक पैसा नही मिला है जिससे यह चर्चा है कि पंचायत अधिकारियों की सह पर इन हितग्राहियों के नाम से शौचालय दिखा पैसा हजम कर जाएंगे

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