July 26, 2021
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अब गायों का बन रहा आधार कार्ड, एक क्लिक में मिलेगी गायो की कुंडली

हरित छत्तीसगढ़ //भोपाल मध्य प्रदेश में अब गायों का भी आधार कार्ड बनेगा, जिसमें उनका नाम-पता, फोटो, दूध देने की क्षमता एवं स्वास्थ्य संबंधी सारा रिकॉर्ड मौजूद रहेगा। मवेशी की पहचान बताने वाले 12 अंकों के इस अनूठे डिजिटल आधार कार्ड को देश में कहीं भी एक क्लिक पर देखा जा सकेगा। प्रदेश के सभी 90 लाख दुधारू मवेशियों के आधार की यह स्मार्ट चिप उनके कान में चस्पा की जाएगी।केंद्र की इस योजना को देश के अन्य राज्यों में भी शुरू करने की तैयारी है. अभी इस योजना को एमपी के शाजापुर, धार, आगर मालवा और खरगोन में करीब एक हजार मवेशियों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू किया जा चुका है. इस स्मार्ट चिप को मध्य प्रदेश के सभी 90 लाख दुधारू पशुओं के कानों में लगाया जाएगा. केंद्र की इस योजना को देश के अन्य राज्यों में भी शुरू करने की तैयारी है. अभी इस योजना को एमपी के शाजापुर, धार, आगर मालवा और खरगोन में करीब एक हजार मवेशियों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू किया जा चुका है. इसकी सफलता के बाद सरकार ने जल्दी ही सभी 51 जिलों में गाय-भैंसों के आधार बनाने की तैयारी कर ली है.इस योजना के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया है. पशुपालन विभाग के कर्मचारियों को गायों का पहचान पत्र बनाने के लिए टैबलेट दिए जाएंगे. इसमें वह पशुओं का डिजिटल ब्योरा दर्ज कर पाएंगे. टैबलेट खरीदने के लिए सरकार ने टेंडर की कार्रवाई शुरू की है. पशुओं के कान में लगने वाले टैग के नवंबर अंत तक आने की संभावना है.विभागीय सूत्रों का दावा है कि नवंबर अंत तक सभी जिलों में आधार बनाने का काम शुरू होने की संभावना है। मार्च 2018 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य मिला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि एक-दो माह का समय ज्यादा भी लग सकता है।

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