November 29, 2021
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जाने क्या है प्रद्युम्न हत्याकांड मर्डर की पूरी दास्तां

नई दिल्ली| गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस में  ठीक 2 महीने बाद नया मोड़ आया। इस मर्डर की गुत्थी आखिरकार सुलझ ही गई| इस केस में पुलिस की पूरी तरह से पोल खुल चुकी हैं| पुलिस दबाव डालकर किसी को भी अपराध स्वीकार करवा कर, अपराधी करार दे सकते हैं| दो महीने से अशोक अपने गरीब और असहाय होने की सजा भुगत रहा हैं| बता दें कि अब सीबीआई जांच से सामने आए ‘सच’ से हर कोई चौंक गया है| सीबीआई के मुताबिक, आरोपी स्टूडेंट ने पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) और एग्जाम टालने के लिए यह मर्डर किया था। कोई इस बात पर भरोसा नहीं कर पा रहा कि सिर्फ एग्जाम और पीटीएम टालने के लिए किसी मासूम बच्चे की हत्या की जा सकती है। सीबीआई जांच में पता चला है कि आरोपी कई दिनों से इसके लिए कोई तरीका खोजने में जुटा था और आखिरकार उसे हत्या के सिवा कोई और रास्ता नहीं सूझा। उसे लगता था कि ‘कुछ बड़ा’ होने पर ही स्कूल को बंद किए किया जाएगा।

मामला क्या है?
– गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे का मर्डर कर दिया गया था। बॉडी टॉयलेट में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को अरेस्ट किया था। आरोपी अशोक 8 महीने पहले ही स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था।
– अशोक ने मीडिया को बताया, ”मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी। मैं बच्चों के टॉयलेट में था। वहां गलत काम कर रहा था। तभी वह बच्चा आ गया। उसने मुझे देख लिया। मैंने उसे पहले देखा धक्का दिया। फिर खींच लिया। वह शोर मचाने लगा तो मैं डर गया। फिर मैंने उसे दो बार चाकू से मारा। उसका गला रेत दिया।”

 इस मामले में कितने लोग अरेस्ट हुए थे?
– इस केस में स्कूल के बस कंडक्टर अशोक कुमार के अलावा रेयान ग्रुप के दो अफसर रेयान ग्रुप के नॉर्थ जोन हेड फ्रांसिस थॉमस और भोंडसी स्थित स्कूल कोऑर्डिनेटर अरेस्ट हुए थे। इन अफसरों को जमानत मिल गई थी, लेकिन अशोक अभी भी ज्यूडिशियल कस्टडी में है। सोहना रोड स्थित सदर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को भी सस्पेंड किया गया था।
– उधर, रेयान ग्रुप के सीईओ रेयान पिंटो, उनके पिता ऑगस्टीन पिंटो और मां ग्रेस पिंटो ने बॉम्बे हाईकोर्ट, फिर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करके एंटीसिपेटरी बेल (अग्रिम जमानत) देने की अपील थी। बाद में उन्हें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बेल दे दी थी।

 सीबीआई अधिकारी ने बताया कि आरोपी 11वीं के स्टूडेंट ने प्रद्युम्न को कोई जरूरी बात बताने का लालच देकर बाथरूम के अंदर बुलाया और कुछ सेकंड्स के अंदर उसका गला रेत दिया। अधिकारी ने कहा, ‘किसी न किसी को तो उस दिन मरना था। वह इस तैयारी के साथ आया था कि आज वह किसी न किसी पर इस चाकू का इस्तेमाल करेगा। प्रद्युम्न दुर्भाग्य से गलत समय पर गलत जगह पहुंच गया।’

आपको बता दें कि पूछताछ के दौरान आरोपी स्टूडेंट ने सीबीआई को बताया, ‘मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं पूरा तरह ब्लैंक हो गया था और बस मैंने उसे मार डाला।’ सीबीआई ने बताया कि अशोक को आरोपी बताते हुए हरियाणा पुलिस ने जिस चाकू को ‘हत्या के हथियार’ के तौर पर पेश किया था, आरोपी स्टूडेंट ने उसी का इस्तेमाल किया था। इस चाकू को हरियाणा पुलिस ने टॉइलट के कमोड से बरामद किया था। सीबीआई के मुताबिक, क्राइम स्पॉट का कई बार निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच, कॉल रेकॉर्ड्स खंगालने और टीचर्स, स्टूडेंट्स सहित कई लोगों से पूछताछ के बाद वह आरोपी तक पहुंच पाई।

 

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